MP election

  • कांग्रेस श्राद्ध का बहाना बना रही है

    कांग्रेस पार्टी ने पांच राज्यों के चुनाव के लिए अभी एक भी उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है। पिछले दिनों कांग्रेस कार्य समिति और केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक हुई तो खबर आई थी कि पार्टी मध्य प्रदेश की पहली सूची जारी करेगी लेकिन कोई सूची नहीं आई। जानकार सूत्रों का कहना है कि पांचों राज्यों में ज्यादातर सीटों पर खींचतान है और पार्टी नहीं चाहती है कि जल्दी टिकट की घोषणा हो। जल्दी टिकट की घोषणा होने पर बगावत और दूसरी पार्टियों से चुनाव लड़ने की संभावना रहती है। कांग्रेस इस बात को छिपाने के लिए श्राद्ध का बहाना...

  • क्या कोई दिखा पाएगा शिवराज जैसी हिम्मत?

    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान गजब हिम्मत दिखा रहे हैं। पार्टी आलाकमान ने उनको मुख्यमंत्री पद का दावेदार नहीं बनाया है लेकिन उन्होंने खुद को सीएम दावेदार के तौर पर चुनाव में पेश कर दिया है। उन्होंने मध्य प्रदेश में यह माहौल बनाना शुरू कर दिया है कि केंद्र में नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनेंगे और राज्य में शिवराज राज सिंह चौहान मुख्यमंत्री बनेंगे। तभी वे अपनी सभाओं में यह सवाल पूछ रहे हैं कि शिवराज को सीएम बनना चाहिए या नहीं? जनता जोर से जवाब देती है कि बनना चाहिए। इसी तरह से वे पूछते हैं कि नरेंद्र...

  • क्या सीएम इन वेटिंग बनेंगे डिप्टी सीएम या…!

    भोपाल। भाजपा की चार सूची से उम्मीदवार मैदान में आने के बाद अब नीति निर्धारकों और रणनीतिकारों की नजर बची हुई हारी हुई सीट के साथ वर्तमान गिने चुने विधायक की सीट पर टिक गई है.. जहां भाजपा अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए आखिर किस हद तक जोखिम मोल ले क्या नया प्रयोग करेगी.. फिलहाल दिग्गज छत्रप हों या केंद्र के साथ प्रदेश के अनुभवी मंत्री जीत की गारंटी के साथ मैदान में उतर चुके हैं.. यानी नए चेहरों को अभी भी अपनी नई पारी का भाजपा में इंतजार है .. अभी तक कांग्रेस के उम्मीदवारों की परवाह न...

  • ज्योतिरादित्य सिंधिया भी लड़ेंगे विधानसभा चुनाव!

    अब सबकी नजर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पर है। भाजपा ने मध्य प्रदेश में तीन केंद्रीय मंत्रियों- नरेंद्र सिंह तोमर, प्रहलाद पटेल और फग्गन सिंह कुलस्ते को टिकट दिया है। इनमें से तोमर और पटेल को मुख्यमंत्री पद का दावेदार माना जा रहा है। अगर भाजपा सवर्ण नेता को सीएम बनाने का फैसला करती है तो तोमर दावेदार हैं और शिवराज सिंह चौहान की जगह ओबीसी नेता के तौर पर प्रहलाद पटेल का नाम है। तभी सवाल है कि क्या भाजपा ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी टिकट देगी? यह सवाल इसलिए है क्योंकि हाल के दिन तक कहा जा रहा था...

  • क्या लाड़ली बहनों के भाई और बच्चों के मामा मुख्यमंत्री रहेंगे?

    भोपाल । आगामी विधान सभा चुनावों की जंग को सत्तारूद पार्टी यानि की बीजेपी, किसी अनाम चेहरे के लिए ही लड़ रही हैं| यह तथ्य केंद्रीय मंत्री नरेंद्र तोमर की प्रैस कोन्फ्रेंस में खुलकर सामने आ गया! जब उनसे पूछा गया की जिस व्यक्ति ने विगत चार विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी का चेहरा बन कर प्रदेश में अगुवाई की हो उसे पाँचवी बार राज्य का नेत्रत्व करने से वंचित रखना वैसा ही हैं, जैसे राजा नरेंद्र मोदी के नाम और परचम के लिए सूबेदार लड़ रहा हो !! आखिर क्यूँ ऐसा हो रहा हैं? नरेंद्र सिंह तोमर के जवाब के अनुसार, राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, इसका निर्णय पार्टी का संसदीय बोर्ड ही तय करेगा! यह आम तौर पर तब होता है जब एक से अधिक लोग मुख्यमंत्री पद के दावेदार हो! परंतु जिस व्यक्ति ने राज्य का बीस साल तक नेत्रत्व किया हो, उसके भविष्य...

  • प्रदेश में आक्रामक राजनीति का आगाज

    भोपाल। मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव 2023 लोकसभा चुनाव 2024 का ट्रेलर होंगे> जिस तरह से प्रमुख दल भाजपा और कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व में मध्यप्रदेश को समय से पहले राजनीति का अखाड़ा बना दिया है और आक्रामक प्रहार एक-दूसरे पर शुरू कर दिए हैं उससे सहज ही समझा जा सकता है इस बार इतना समझ लीजिए कि चुनाव नहीं आसान। दरअसल, जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आते जा रहे हैं वैसे - वैसे विपक्षी दल कांग्रेस हमलावर होती जा रही है। भाजपा तो शुरू से ही आक्रमक रही है। उसने अपनी गति और तेज कर दी है लेकिन कांग्रेस भी अब भाजपा...

  • प्रदेश में कांग्रेस की चुनावी संभावनाओं को आज बुंदेलखंड से खंगालेंगे खड़गे

    भोपाल। प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2023 कितने दिलचस्प होंगे इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि “तू डाल-डाल मै पात-पात” की स्थिति भाजपा और कांग्रेस के बीच बनी हुई है। अभी 12 अगस्त को ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुंदेलखंड के इसी सागर जिले में आए थे जहां आज कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे आ रहे हैं। इस दौरान खड़गे बुंदेलखंड की सीटों के साथ ही प्रदेश में कांग्रेस की चुनावी संभावनाओं को भी खंगालेंगे। इस दौरान प्रदेश के सभी कांग्रेसी दिग्गज नेता सागर में उपस्थित रहेंगे। दरअसल, बुंदेलखंड इलाके में 22% एससी मतदाता है जबकि प्रदेश में...

  • शाह ने बिछाई बिसात, मुद्दों से बनाया माहौल

    भोपाल। मोदी सरकार में नंबर दो अमित शाह.. केंद्रीय गृहमंत्री जिनकी राज्यों की राजनीति में विशेष दिलचस्पी और धमक से इनकार नहीं किया जा सकता ..इन दिनों मध्य प्रदेश पर पूरा फोकस बनाए हुए.. भाजपा के लिए चुनौती कहे या फिर समस्या उससे सजग और सतर्क सही समय पर शाह अपने फैसलों से लगातार चौंका रहे। एक बार फिर वो अपने चुनावी रंग में रंगे नजर आए.. मध्य प्रदेश जहां चुनावी चुनौतियों से इंकार नहीं किया जा सकता वहां पहले ही मोर्चा संभाल चुके शाह ने अपने माथे पर चिंता की सलवटे नहीं दिखाई देने दी.. मौका भाजपा सरकार की...

  • मध्य प्रदेश में केजरीवाल का प्रचार

    सतना। छत्तीसगढ़ के बाद रविवार को अरविंद केजरीवाल मध्य प्रदेश में प्रचार करने पहुंचे। कांग्रेस के साथ ‘इंडिया’ गठबंधन में शामिल होने के बावजूद उन्होंने भोपाल में भाजपा के साथ साथ कांग्रेस पर हमला किया और लोगों से आम आदमी पार्टी को एक मौका देने की अपील की। उन्होंने छत्तीसगढ़ की तरह कई गारंटियां भी दीं। केजरीवाल ने मुफ्त बिजली का वादा किया और साथ ही नवंबर तक के सारे बिल माफ करने की बात भी कही। उन्होंने युवाओं को सरकारी नौकरी देने का वादा भी किया। मध्य प्रदेश के सतना में एक जनसभा को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने...

  • भाजपा की एमपी, छत्तीसगढ़ की पहली सूची

    नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक के एक दिन बाद गुरुवार को मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी। मध्य प्रदेश के 39 ओर छत्तीसगढ़ के 21 प्रत्याशियों का ऐलान किया गया है। मध्य प्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ दलबदल करने वाले कांग्रेस के एक नेता की टिकट कट गई है, जिसके बाद सिंधिया खेमे में बेचैनी है। दूसरी ओर छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को घेरने के लिए भाजपा ने बड़ा दांव चला है। छत्तीसगढ़ की पाटन सीट से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ उनके...

  • शाह की सक्रियता सियासत में सनसनी

    भोपाल। वैसे तो इस वर्ष के आखिर तक पांच राज्यों में विधानसभा के चुनाव होना है लेकिन केंद्रीय गृहमंत्री और राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह ने जिस तरह से मध्यप्रदेश को केंद्र में रखा है उससे ना केवल विपक्षी दल बल्कि भाजपा के अंदर भी खलबली है। एक माह में तीसरी बार कल दो दिवसीय प्रवास पर शाह प्रदेश आ रहे हैं। जिसको लेकर कांग्रेस में तो हलचल है ही भाजपा के अंदर भी खदबाहट है। दरअसल, जिस तरह से सर्वे रिपोर्ट आ रही थी उससे अब तक मध्यप्रदेश में प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस अच्छी खासी उत्साहित...

  • सत्ता के लिए आधी आबादी पर फोकस

    भोपाल। प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2023 के लिए सत्ता संघर्ष दिन प्रतिदिन तेज होता जा रहा है। यह संघर्ष प्रतिद्वंदी दलों के बीच तो हो ही रहा है दलों के अंदर भी अंदरूनी घमासान जारी है। इसके बावजूद दोनों दलों का फोकस आधी आबादी को साधने का है क्योंकि सत्ता का रास्ता यहीं से निकलेगा। दरअसल, आजादी के बाद प्रदेश और देश में महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही है। ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है जहां महिलाओं को अवसर दिया गया हो और उन्होंने कीर्तिमान ना रचे हो। प्रदेश में ऐसा माहौल दोनों ही दलों द्वारा...

  • दल बदल के दौर में दिग्गज भी भर रहे दम

    भोपाल। प्रदेश और देश में चुनावों का मौसम आ गया है और चुनाव आते ही दलबदल होने लगता है लेकिन इस बार समय से पहले और दिग्गज नेताओं द्वारा दलबदल की शुरुआत कर देने से अब अपनों को संभालने की नई चुनौती दलों के सामने होगी। दरअसल, चुनावी दौर में नेताओं का दलबदल करना आम बात है लेकिन जब पार्टी का ऐसा चेहरा दल छोड़ें जो ना केवल महत्वपूर्ण पदों पर रहा हो वरन पार्टी की स्थापना से लेकर अब तक पार्टी के प्रति समर्पित रहा हो तब जरूर यह चर्चा शुरू हो जाती है कि आखिर ऐसा क्या हुआ।...

  • सौगातों से चंबल साधने की कोशिश

    भोपाल। ग्वालियर में अंबेडकर महाकुंभ मैं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अनुसूचित जाति वर्ग के लिए सौगातों की झड़ी लगा दी वही केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अंबेडकर को विदेश में पढ़ाई कराने राज खोलते हुए ससुराल का योगदान बताया। दरअसल, प्रदेश में 2023 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटे दोनों ही प्रमुख भाजपा और कांग्रेस वोटरों को साधने के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ रहे। खासकर सत्तारूढ़ दल भाजपा एक तरफ जहां बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत कर रही है। वहीं सरकार के निर्णय से सौगात दी जा रही हैं जैसा कि रविवार को ग्वालियर में...

  • जाति और धर्म की तरह क्षेत्र और वर्ग पर फोकस

    भोपाल। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं वैसे वैसे राजनीतिक दल अधिकतम वोटों को साधने का जतन करने लगे हैं। पहले धर्म और जाति के नाम पर चुनावी गणित साधे जाते थे इस बार जाति और धर्म के साथ-साथ क्षेत्र और वर्ग को भी साधने की कोशिशें तेज हो गई है। दरअसल मध्य प्रदेश विशाल भूभाग वाला राज्य है अलग-अलग क्षेत्रों में बांटा अलग-अलग राजनीतिक परिदृश्य भी दिखाता है जाति और धर्म का तड़का प्रदेश की राजनीति में पूरी तरह फिट नहीं बैठा है। 1992 में अयोध्या मुद्दे पर भाजपा की सरकार में वापसी नहीं हो पाई थी। प्रदेश में...

  • अभयता के लिए भाजपा की भागदौड़

    भोपाल। तमाम ऐसे कारण हैं जिनके कारण भाजपा 2018 की तरह सप्ताह नहीं गंवाना चाहते बल्कि जीत के प्रति अभयता लाने के लिए होली बाद भागदौड़ तेज होगी। वरिष्ठ नेताओं को हारी हुई सीटों की जिम्मेवारी दी जाएगी और विधानसभा संयोजकों से साफ तौर पर कह दिया गया है कि उन्हें चुनाव नहीं लड़ना है। यही नहीं विभिन्न निगम - मंडलों में नियुक्तियां मंत्रियों के प्रभार जिलों और विभागों में परिवर्तन एवं जरूरी हुआ चार खाली पड़े मंत्री पद भी भरे जा सकते हैं। तमाम ऐसे कारण हैं जिनके कारण भाजपा 2018 की तरह सत्ता नहीं गवाना चाहती बल्कि जीत...

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