सीटें बढ़ीं तो बिगड़ेगा संतुलन!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 दिसंबर को संसद भवन की नई इमारत का भूमिपूजन किया तो इसे लेकर खूब चर्चा हुई। दिक्कत यह है कि सारी चर्चा सिर्फ एक पहलू पर केंद्रित रही।

मील का पत्थर होगा नया संसद-भवन

लोकतांत्रिक मूल्यों में आस्था रखने वाले सभी भारतीयों की आँखों में आज भी वह चित्र जीवंत और सजीव होगा, जब 2014 में पहली बार संसद-भवन में प्रवेश करते समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उसकी ड्योढ़ी (प्रवेश-द्वार) पर शीश नवाकर लोकतंत्र के इस महान मंदिर के प्रति गहरी श्रद्धा व्यक्त की थी।

क्या अब भूमि पूजन होना चाहिए?

संसद भवन की नई इमारत के भूमि पूजन का मामला अब राजनीतिक और कानूनी नैतिकता का मामला बन गया है।

सरकार पर अदालत भारी ?

सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार के सिर पर एक चपत लगा दी है। उसने नए संसद भवन के निर्माण पर फिलहाल रोक लगा दी है।