President

  • अपने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री का शाही ‘मेन्यू’

    क्या आप रात के भोजन में “दही फोम पर चार्ड पाइनऐप्पल के साथ कोशंबरी” या “कटहल और केले के फूल की सींख” खाना चाहेंगे? या मिठाई में एक कटोरी “श्रीखंड क्रेम ब्रूले”? ये व्यंजन हाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा सेशेल्स के राष्ट्रपति के सम्मान में राष्ट्रपति भवन में आयोजित राजकीय भोज में परोसे गए। मेन्यू जैसे ही ऑनलाइन आया, देखते-देखते वायरल हो गया। सोशल मीडिया पर अविश्वास, व्यंग्य और खानपाक के शौकिनों में बेचैनी पैदा कर गया। असहजता मेन्यू, सामग्री को लेकर ही नहीं थी, बल्कि भाषा को लेकर भी थी। परोसे जाने वाले व्यंजन परिचित भदेस से लगे...

  • राष्ट्रपति, राज्यपाल को डेडलाइन नहीं दे सकते

    नई दिल्ली। राज्यों की विधानसभाओं से पास विधेयक की मंजूरी के मामले में राष्ट्रपति और राज्यपालों के लिए समय सीमा तय करने के पुराने फैसले से सुप्रीम कोर्ट पीछे हट गई है। पांच जजों की बेंच ने कहा है कि इस मामले में राष्ट्रपति और राज्यपाल के लिए समय सीमा तय नहीं की जा सकती है। हालांकि अदालत ने कहा कि बहुत ज्यादा देरी होने पर सीमित निर्देश जारी कर सकती है। इससे पहले अदालत ने कहा था कि राज्यपालों को तीन महीने के अंदर विधेयकों को मंजूरी देनी होगी। अदालत ने समय सीमा में मंजूरी नहीं देने पर उस...

  • पीएम के बाद राष्ट्रपति का भी दौरा स्थगित

    चंडीगढ़। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद अब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का हरियाणा दौरा भी स्थगित हो गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को 18 अक्टूबर को अंबाला में भारतीय वायु सेना के एक कार्यक्रम में शामिल होना था। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी का 17 अक्टूबर का दौरा रद्द हुआ था। वे राज्य में नायब सिंह सैनी सरकार के एक साल पूरे होने के कार्यक्रम में शामिल होने वाले थे। माना जा रहा है कि आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की खुदकुशी से उपजे विवाद के कारण प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति का दौरा रद्द हुआ है। बताया जा रहा है कि राष्ट्रपति का...

  • ऑपरेशन सिंदूर मानवता की लड़ाई थी- राष्ट्रपति

    नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर गुरुवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश के नाम संदेश दिया। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर और सेना के शौर्य की तारीफ करते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर आतंकवाद के खिलाफ मानवता की लड़ाई थी। उन्होंने पहलगाम कांड और ऑपरेशन सिंदूर के अलावा कश्मीर रेल प्रोजेक्ट, देश में हो रहे विकास कार्यों, लोकतंत्र और अर्थव्यवस्था की मजबूती के बारे में अपने संदेश में जिक्र किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, ‘पहलगाम में हुआ हमला कायराना था। ऑपरेशन सिंदूर में सेना ने सीमा पार आतंकियों के गढ़ को खत्म किया’। उन्होंने कहा, ‘भारत लोकतंत्र की...

  • सुप्रीम कोर्ट बनाम राष्ट्रपति विवाद क्यों बनाना?

    यह समझ में नहीं आ रहा है कि केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले को न्यायपालिका बनाम राष्ट्रपति के विवाद में क्यों बदलना चाहती है? सुप्रीम कोर्ट ने आठ अप्रैल को एक फैसला सुनाया था, जिसमें कहा था कि राज्यों की विधानसभा से पास विधेयकों के ऊपर राज्यपालों को कोई वीटो का अधिकार नहीं प्राप्त है, जो वे विधेयकों को महीनों या सालों रोके रख सकें। उसी फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा था कि अगर राज्यपाल किसी विधेयक को मंजूरी के लिए राष्ट्रपति के पास भेजते हैं तो राष्ट्रपति को भी अधिकतम तीन महीने में उस...

  • न्यायिक सक्रियता पर धनखड़ का निशाना

    नई दिल्ली। राज्य विधानसभा से पास विधेयकों पर राष्ट्रपति और राज्यपालों के अधिकार तय करने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सरकार ने तो अभी कुछ नहीं कहा है कि लेकिन उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट पर निशाना साधा है। आठ अप्रैल को फैसला आने के 10 दिन बाद गुरुवार को उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सुप्रीम कोर्ट की उस सलाह पर आपत्ति जताई, जिसमें उसने राष्ट्रपति और राज्यपालों को बिलों को मंजूरी देने की समय सीमा तय की थी। धनखड़ ने कहा कि अदालतें राष्ट्रपति को आदेश नहीं दे सकतीं। उप राष्ट्रपति ने संविधान के...

  • सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति के लिए भी समय सीमा तय की

    ऐसा पहली बार हुआ है कि सुप्रीम कोर्ट ने किसी मामले में सीधे राष्ट्रपति की जिम्मेदारी तय की हो और फैसला करने के लिए समय सीमा निर्धारित की है। तमिलनाडु के राज्यपाल द्वारा विधानसभा से पास हुए 10 विधेयकों को रोके रखने के मामले में आठ अप्रैल को दिए अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने सिर्फ राज्यपाल के लिए ही नहीं, बल्कि राष्ट्रपति के लिए भी फैसला करने की समय सीमा तय की है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि राज्यपाल की तरफ से भेजे गए विधेयक पर राष्ट्रपति को तीन महीने के भीतर फैसला करना होगा। गौरतलब है कि...

  • गोपनीयता ऐसी कि पता नहीं कि जिला अध्यक्ष कौन…?

    भोपाल। वैसे तो तय कार्यक्रम के अनुसार भाजपा को 16 से 31 दिसंबर के बीच जिला अध्यक्षों की घोषणा कर देनी थी लेकिन अधिकांश जिलों में सहमति न बनने के कारण अब तक नहीं हो पाई लेकिन पार्टी ने आज लगभग एक दर्जन से ज्यादा जिलों में पार्टी पदाधिकारी की बैठक बुलाई है जिसमें जिला अध्यक्षों की घोषणा हो सकती है। इसके लिए पार्टी ने दो दिन जिलाध्यक्षों के पास फार्म भेजकर मंडल अध्यक्ष और मंडल प्रतिनिधि के प्रस्तावक और समर्थक के हस्ताक्षरयुक्त आठ फॉर्म पीडीएफ कॉपी में भोपाल बुला लिए। हालांकि अध्यक्ष का कालम खाली रखा गया है जिससे...

  • बड़े लोगों को छोटे राजभवन मिले

    राज्यपालों की नियुक्ति का फैसला चौंकाने वाला था। हालांकि कई राजभवन पहले से खाली थे और कई जुलाई में खाली हुई तो कई अगले दो महीने में खाली होने वाले हैं। इसलिए राज्यपालों की नियुक्ति की उम्मीद की जा रही थी और यह भी उम्मीद की जा रही थी कि जिन नेताओं की टिकट कटी है या जो लोकसभा का चुनाव हारे हैं उनमें से कुछ लोगों को राज्यपाल बनाया जाएगा। हालांकि नई नियुक्त में इक्का दुक्का चेहरे ही ऐसे हैं, जिनकी टिकट कटी या जो चुनाव हारे और अब राज्यपाल बने हैं। जिन लोगों को राज्यपाल बनाया गया है...

  • मनोनीत श्रेणी की चार सीटें खाली हो रही हैं

    केंद्र सरकार की सिफारिश पर राष्ट्रपति राज्यसभा में 12 सदस्यों को मनोनीत करती हैं। इनमें से चार सदस्यों का कार्यकाल 13 जुलाई को खत्म हो रहा है। मशहूर नृत्यंगना सोनल मानसिंह, जाने माने मूर्तिकार रामशकल, जाने माने वकील महेश जेठमलानी और आरएसएस के संस्थापक केबी हेडगेवार के जीवनीकार व दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर राकेश सिन्हा रिटायर हो रहे हैं। राज्यसभा के लिए चुने गए सांसदों की सीट खाली होने पर जिस तरह चुनाव आयोग को एक निश्चित समय सीमा में रिक्ति भरनी होती है वैसी जरुरत मनोनीत श्रेणी के सांसदों के मामले में नहीं होती है। इसलिए कई बार मनोनीत...

  • ईरान के नौवें राष्ट्रपति बने मसूद पेज़ेशकियान

    तेहरान। ईरान के सुधारवादी नेता एवं पूर्व स्वास्थ्य मंत्री मसूद पेज़ेशकियान ने शुक्रवार को हुए राष्ट्रपति चुनाव में जीत हासिल की और देश के नौवें राष्ट्रपति बन गए है। ईरान के चुनाव मुख्यालय के प्रवक्ता मोहसिन एस्लामी ने पेजेशकियान (Masoud Pezeshkian) के जीत की घोषणा की। और बताया कि कुल 30,510,157 वोट में से मसूद पेज़ेशकियान (Masoud Pezeshkian) को 16,384,403 वोट मिले और उनके प्रतिद्वंदी सईद जलीली को 13,538,179 वोट मिले। पेजेशकियान पेशे से हृदय के सर्जन भी हैं। मसूद पेजेशकियान (Masoud Pezeshkian) ने पांच चार साल के कार्यकाल के लिए ईरानी संसद में सांसद के रूप में अपनी सेवा...

  • नड्डा की जगह कौन बनेगा अध्यक्ष?

    यह यक्ष प्रश्न है कि जगत प्रकाश नड्डा की जगह कौन बनेगा भाजपा का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष? यह सवाल इसलिए ज्यादा अहम हो गया है क्योंकि जितने लोगों को संभावित दावेदार माना जा रहा था वे सभी लोग केंद्र सरकार में मंत्री बन गए हैं। नड्डा का केंद्र में मंत्री बनना पहले से तय था तभी कहा जा रहा था कि जून में उनका विस्तारित कार्यकाल खत्म होने के बाद नया अध्यक्ष बनेगा। नए अध्यक्ष के लिए चार या पांच नाम चर्चा में थे। लेकिन ये सभी लोग केंद्र में मंत्री बन गए हैं। रविवार को जब इन सभी नेताओं...

  • दक्षिण अफ्रीका में बदलाव

    एएनसी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की राजनीतिक यात्राओं में काफी समानता है। क्या एएनसी नई चुनौतियों से उबरने में कामयाब होगी? या धीरे-धीरे दक्षिण अफ्रीका की राजनीति में उसकी स्थिति वैसी ही हो जाएगी, जैसी भारत में इंडियन नेशनल कांग्रेस की हुई? दक्षिण अफ्रीका में रंगभेदी शासन खत्म होने के बाद ऐसा पहली बार हुआ है, जब सत्ताधारी अफ्रीकन नेशनल कांग्रेस (एनएसी) के पास बहुमत नहीं होगा। अब उसे अपना राष्ट्रपति चुनवाने के लिए किसी सहयोगी दल की जरूरत पड़ेगी। (दक्षिण अफ्रीका में कार्यकारी शक्ति राष्ट्रपति के हाथ में होती है, जिनका चुनाव संसद करती है।) रंगभेद की समाप्ति के...

  • कपिल सिब्बल बने सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष

    वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चुने गए। कल को हुए चुनाव में कपिल सिब्बल को 1066 वोट मिले। उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी वरिष्ठ वकील प्रदीप राय को 689 वोट मिले। कपिल सिब्बल 2 दशक बाद इस चुनाव में उतरे थे। इससे पहले वह 1995, 1997 और 2001 में SCBA अध्यक्ष रह चुके हैं। रिजल्ट घोषित होने से पहले एक इंटरव्यू में कपिल सिब्बल ने कहा था कि वकील कानून के शासन को बनाए रखने के लिए हैं। वकील का उद्देश्य संविधान की रक्षा करना है। इसलिए यदि आप बार को राजनीतिक झुकाव के आधार पर बांटते...

  • संवैधानिक प्रमुख कौन… राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री…?

    भोपाल। आजादी के 75 साल बाद विश्व का सबसे अग्रणी 'लोकतंत्री देश' भारतवर्ष क्या आज भी 'लोकतंत्री देश'.... है? इस देश में क्या आज किसी भी क्षेत्र में प्रजातंत्र या लोकतंत्र के दर्शन होते हैं? जहां प्रजा या लोग नहीं बल्कि मुट्ठी भर राजनेता प्रजातंत्र के नाम पर छद्म तानाशाही चला रहे हो उस देश को प्रजातंत्री कैसे कहा जा सकता है? जहां चंद राजनेताओं ने स्वयं संवैधानिक प्रमुख के अधिकार हथिया लिया हो उस देश को संवैधानिक रूप से प्रजातंत्र कैसे कहा जा सकता है? ....जी हां... चर्चा यहां हमारे अपने भारत की ही कर रहा हूं जहां अब...

  • ब्राजील में लूला डा सिल्वा ने राष्ट्रपति पद की शपथ ली

    ब्राज़ीलिया। ब्राजील में वर्कर्स पार्टी (Workers Party) के लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा (Luiz Inacio Lula da Silva) ने राष्ट्रपति पद की शपथ ले ली है। उनका कार्यकाल चार साल का होगा। श्री लूला डा सिल्वा ने राष्ट्रपति पद और गेराल्डो अल्कमिन ने रविवार को ब्रासीलिया स्थित चैंबर ऑफ डेप्युटी के पूर्ण सत्र के दौरान स्थानीय समयानुसार अपराह्न 3:00 बजे उपराष्ट्रपति पद की शपथ ली। श्री लूला डा सिल्वा का तीसरा बार ब्राजील के राष्ट्रपति बने हैं। इन्हें सुप्रीम कोर्ट एक विवादास्पद फैसले के बाद 2018 और 2019 के बीच एक साल से अधिक समय तक जेल में रहना पड़ा...

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