यह भी तानाशाही है
शेख हसीना बेहद अलोकप्रिय हैं, अदालत उन्हें कठोरतम सजा सुना चुकी है, और उनकी पार्टी आवामी लीग का सांगठिक ढांचा ढह चुका है, तो उनके बयानों से तारिक रहमान सरकार को डर क्यों लगता है? छात्र आंदोलन के कारण बांग्लादेश से भागने की आई नौबत के दो साल पूरा होने पर पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने वर्चुअल माध्यम से पत्रकारों को संबोधित किया। ये प्रेस कांफ्रेंस इसमें कही गई बातों से ज्यादा चर्चित इसलिए हुई, क्योंकि इससे संबंधित खबर देने पर बांग्लादेश में पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया। तारिक रहमान सरकार ने मीडिया और सोशल मीडिया को पहले ही आगाह...