शिव सेना से लड़ाई में भाजपा राणे के साथ नहीं

महाराष्ट्र में नारायण राणे शिव सेना के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। वे लगातार मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और उनकी पार्टी को निशाना बना रहे हैं।

उद्धव बनाम राणे विवाद का फायदा किसको?

महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और भाजपा नेता नाराय़ण राणे में जंग छिड़ी है। पिछले ही महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राणे को केंद्र सरकार में मंत्री बनाया है।

भाजपा और एमएनएस का तालमेल होगा

महाराष्ट्र में नया राजनीतिक समीकरण बन रहा है। भारतीय जनता पार्टी प्रदेश की हाशिए पर ही पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना यानी एमएनएस के साथ तालमेल करने जा रही है। ऐसा इसलिए है क्योंकि भाजपा और शिव सेना के बीच शह-मात का खेल खत्म नहीं हो रहा है।

क्या शिव सेना-भाजपा में कोई खिचड़ी?

shiv sena BJP : हो सकता है दोनों पार्टियों में खिचड़ी पकरने की अफवाहे भाजपा ही बनवा रही हो। इसलिए कि महाराष्ट्र जैसे कमाऊ-सियासी प्रदेश की सत्ता से बाहर होना मोदी सरकार को भी बैचेन बनाए रखने वाला है। तभी लगातार चर्चा है महा विकास अघाड़ी में सब कुछ ठीक नहीं है। यह सब कुछ ठीक नहीं चलने का सिलसिला मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के प्रधानमंत्री से मिलने के बाद शुरू हुआ। उसके तुरंत बाद शिव सेना के सबसे मुखर नेता संजय राउत ने प्रधानमंत्री को भाजपा और देश का सर्वोच्च नेता बताते हुए तारीफ की। खुद उद्धव ने भी कहा कि वे भले भाजपा से अलग हो गए हैं लेकिन मोदी से रिश्ते खत्म नहीं हुए हैं। यह भी पढ़ें: योजना में अटका है एमएलसी का मामला! अब खबर है कि संजय राउत और मुंबई महानगर के भाजपा अध्यक्ष रहे आशीष सेलार के बीच एक गुप्त मीटिंग हुई है। जब खबर आम हो गई तो राउत ने कहा कि दोनों एक-दूसरे को काफी समय से जानते हैं और इसलिए इस मुलाकात में ज्यादा कुछ नहीं देखना चाहिए। लेकिन इस मुलाकात की खबर के तुरंत बाद पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस का एक बयान आया, जिसमें उन्होंने कहा- शिव सेना हमारी दुश्मन… Continue reading क्या शिव सेना-भाजपा में कोई खिचड़ी?

योजना में अटका है एमएलसी का मामला!

maharashtra governor bhagat singh koshyari : महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने राज्य में विधान परिषद के 12 सदस्यों के मनोनयन की फाइल रोक कर रखे हुए हैं। पिछले साल नवंबर में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इन नामों को मंजूरी दी गई थी और राज्यपाल के पास भेजा गया था। इसमें शिव सेना, एनसीपी और कांग्रेस तीनों के चार-चार नेताओं के नाम हैं। आठ महीने से ज्यादा समय से राज्यपाल के यहां फाइल अटकी है। इसे मंजूरी देने के लिए दबाव बनाने की बजाय शिव सेना की ओर से बीच-बीच में एकाध बयान दे दिया जाता है, जिसके जवाब में भाजपा नेता कहते हैं कि राज्यपाल की मंजूरी के लिए कोई समय सीमा तय नहीं की गई है। इसके बाद मामला फिर कुछ दिन के लिए ठंडे बस्ते में चला जाता है। यह भी पढ़ें: कांग्रेस को यूपी में कोई नहीं पूछ रहा तभी सवाल है कि क्या किसी योजना के तहत इस मामले को लटका कर रखा गया है? जानकार सूत्रों का कहना है कि शिव सेना और भाजपा के फिर एक साथ आने के इंतजार में इसे रोक कर रखा गया है। राज्यपाल के लिए कोई समय सीमा तय नहीं की… Continue reading योजना में अटका है एमएलसी का मामला!

शिव सेना दुश्मन नहीं: भाजपा

Shivsena BJP Not enemies : मुंबई। एक तरफ महाराष्ट्र विधानसभा में सत्ता पक्ष ने भाजपा के 12 विधायकों के निलंबित करा दिया पर सदन से बाहर दोनों पार्टियों के बीच जबरदस्त सद्भाव देखने को मिला है। विधानसभा के दो दिन के विशेष सत्र से पहले विधानसभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फड़नवीस ने रविवार को दादर स्थित वसंत स्मृति भवन में पत्रकारों से बात करते हुए कहा- शिव सेना हमारी शत्रु नहीं है, वैचारिक मतभेद हैं। इसका जवाब देते हुए शिव सेना के संजय राउत ने कहा- हमारे रास्ते भले अलग हैं लेकिन हमारी दोस्ती कायम है। मोदी की नई कैबिनेट के 90 प्रतिशत मंत्री करोड़पति हैं, 42% पर आपराधिक मामले : ADR की रिपोर्ट फड़नवीस और संजय राउत के बयानों से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। हालांकि बाद में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि दोनों पार्टियां दुश्मन नहीं हैं लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि दोनों पार्टियां साथ मिल कर सरकार बनाने जा रही हैं। इससे पहले फड़नवीस ने कहा था कि- राजनीति में सब कुछ स्थायी नहीं होता। ध्यान फड़नवीस ने राज्य सरकार के खिलाफ तीखे तेवर अपनाए हैं लेकिन शिव सेना के प्रति उनका नजरिए नरम हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री फड़नवीस… Continue reading शिव सेना दुश्मन नहीं: भाजपा

शरद पवार से नाराज कांग्रेस नेता

कांग्रेस पार्टी के नेता शरद पवार ( maharashtra politics sharad pawar ) से बहुत नाराज हैं। पहले ही जब उन्होंने राहुल गांधी के नेतृत्व को लेकर टिप्पणी की थी तभी नाराजगी शुरू हो गई थी लेकिन अब हद हो गई है। हालांकि बेचारे कांग्रेस नेता मजबूर हैं कुछ कर नहीं सकते हैं। वे सही मौके का इस्तेमाल कर रहे हैं। कांग्रेस के एक महत्वपूर्ण नेता ने माना कि महाराष्ट्र में कांग्रेस के नेता जो बयान दे रहे हैं उस पर आलाकमान की सहमति है और वह बयानबाजी सिर्फ शरद पवार की वजह से हो रही है। कांग्रेस नेता यह भी मान रहे हैं कि शरद पवार ही शिव सेना को भी भड़का रहे हैं। कांग्रेस के एक प्रवक्ता ने चुनिंदा पत्रकारों के सामने कहा कि शरद पवार नियमित रूप से उद्धव ठाकरे से मिलते हैं, जबकि कांग्रेस में ऐसा कोई सिस्टम नहीं है। अपनी मुलाकातों में पवार क्या खिचड़ी पकाते हैं यह किसी को पता नहीं है। यह भी पढ़ें: दिसंबर से पहले ही सबको वैक्सीन लगेगी! कांग्रेस के एक नेता ने नाराजगी जताते हुए कहा कि शरद पवार सिर्फ प्रासंगिक बने रहना चाहते हैं और विपक्ष की राजनीति को नियंत्रित करना चाहते हैं। वे सिर्फ पांच सांसदों वाली पार्टी… Continue reading शरद पवार से नाराज कांग्रेस नेता

एमएलसी का नामांकन रूकवाने का क्या मकसद?

महाराष्ट्र में विधान परिषद के 12 सदस्यों का मनोनयन भारतीय जनता पार्टी ने रूकवाया हुआ है। राज्य सरकार की ओर से कैबिनेट की बैठक में 12 नाम तय करके राज्यपाल को भेज दिए जाने के छह महीने बाद भी राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी इस बारे में फैसला नहीं कर रहे हैं। राज्य सरकार ने पिछले साल पांच नवंबर को 12 नाम राज्यपाल को भेजे थे, जिसमें राज्य की महाविकास अघाड़ी सरकार में शामिल तीन पार्टियों- शिव सेना, कांग्रेस और एनसीपी की ओर से दिए गए चार-चार लोगों के नाम हैं। इसमें कुछ नेता भी हैं और कुछ सामाजिक कार्यकर्ता, सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़े लोग और फिल्म व साहित्य की हस्तियां भी हैं। पहले कहा जा रहा था कि इस आधार पर सूची को चुनौती दी जा सकती है कि इसमें राजनेताओं के नाम हैं, जबकि मनोनीत श्रेणी उनके लिए नहीं है। पर भाजपा इस आधार पर चुनौती नहीं दे सकती है क्योंकि दो महीने पहले ही उसने बिहार में मनोनीत श्रेणी की सभी सीटों पर सिर्फ नेताओं को ही नियुक्त किया है। तभी भाजपा के नेता और पिछली सरकार के मंत्री रहे आशीष सेलार ने कहा है कि राज्यपाल के ऊपर फैसला करने के लिए समय की कोई बाध्यता नहीं… Continue reading एमएलसी का नामांकन रूकवाने का क्या मकसद?

कांग्रेस के प्रति शिव सेना का सद्भाव

भारत की राजनीति में अक्सर दिलचस्प चीजें देखने को मिलती रहती हैं। महाराष्ट्र की महा विकास अघाड़ी सरकार में शामिल तीन पार्टियों- शिव सेना, एनसीपी और कांग्रेस में जिस तेजी से समीकरण बन और बिगड़ रहे हैं और इस समय की सबसे दिलचस्प घटना है। पहले लगता था कि शिव सेना हिंदुवादी पार्टी है तो कांग्रेस के साथ उसका तालमेल नहीं बैठेगे, जबकि एनसीपी के नेता शरद पवार पहले कांग्रेस में थे तो उनके साथ सहज तालमेल रहेगा। लेकिन अब उलटा हो रहा है। कांग्रेस और एनसीपी में शह-मात का खेल शुरू हो गया है तो दूसरी ओर कांग्रेस और शिव-सेना में कमाल का सद्भाव देखने को मिला है। एक तरफ एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार और उनकी पार्टी भाजपा विरोधी मोर्चे की कमान कांग्रेस के साथ निकाल कर अपने हाथ में लेने की तैयारी कर रहे हैं तो दूसरी ओर शिव सेना का कहना है कि भाजपा विरोधी मोर्चे की अगुवाई कांग्रेस को ही करनी चाहिए। शिव सेना ने तो तीसरे मोर्चे की संभावना को ही खत्म कर दिया है, जिसके बारे में ममता बनर्जी और दूसरे कई क्षत्रप बात कर रहे हैं। एनसीपी सुप्रीम शरद पवार भी तीसरे मोर्चे की राजनीति में शामिल हो सकते हैं। लेकिन शिव सेना… Continue reading कांग्रेस के प्रति शिव सेना का सद्भाव

एनसीपी से कांग्रेस और शिव सेना दोनों नाराज

महाराष्ट्री की महाविकास अघाड़ी सरकार में खींचतान चलती रहती है। वहां सरकार में तीन पार्टियां शामिल हैं और उनके समीकरण बदलते रहते हैं। कभी लगता है कि एनसीपी और शिव सेना एक साथ हैं, कभी लगता है कि शिव सेना और कांग्रेस एक साथ हैं तो कभी लगता है कि कांग्रेस और एनसीपी एक साथ हैं। जैसे इन दिनों एनसीपी के नेता और राज्य सरकार के मंत्री नवाब मलिक के एक बयान को लेकर कांग्रेस और शिव सेना दोनों के नेता नाराज हो गए हैं। इससे पहले अनिल देशमुख के मामले में कांग्रेस और एनसीपी एक साथ आ गए थे और शिव सेना दोनों से नाराज थी। बहरहाल, पिछले दिनों नवाब मलिक ने बयान दिया कि राज्य सरकार अपने सभी नागरिकों को मुफ्त में वैक्सीन लगवाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस बारे में कैबिनेट में चर्चा हो गई है। नवाब मलिक अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री हैं और सरकार के प्रवक्ता नहीं हैं। तभी शिव सेना के नेता इस बात से नाराज हुए कि उन्होंने किस हैसियत से कैबिनेट की बैठक की बात मीडिया को बताई और वैक्सीन मुफ्त में लगाने की बात का खुलासा किया? शिव सेना के नेता चाहते थे कि 18 साल से ऊपर की उम्र के… Continue reading एनसीपी से कांग्रेस और शिव सेना दोनों नाराज

एनसीपी नहीं, शिव सेना खतरे में!

महाराष्ट्र में सत्ता और राजनीति का समीकरण तेजी से बदल रहा है। राज्य सरकार और सत्तारूढ़ गठबंधन को संकट में डालने वाला जो विवाद शरद पवार की पार्टी एनसीपी के नेता अनिल देशमुख से शुरू हुआ था उसके जाल में शिव सेना फंसती दिख रही है। अहमदाबाद में अमित शाह के साथ शरद पवार और प्रफुल्ल पटेल की हुई कथित मुलाकात के बाद तेजी से समीकरण बदला है। अनिल देशमुख ने तो गृह मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया लेकिन उसके बाद अब सारा निशाना शिव सेना के ऊपर हो गया है। वैसे कई जानकार नेताओं का यह भी कहना है कि अनिल देशमुख का इस्तीफा एनसीपी या शरद पवार के लिए झटका नहीं है क्योंकि वे असल में जिसे गृह मंत्री बनाना चाहते थे वह बन गया। ध्यान रहे अनिल देशमुख के इस्तीफे के बाद दिलीप वलसे पाटिल को नया गृह मंत्री बनाया गया है। कुछ दिन पहले ही शिव सेना के सांसद संजय राउत ने कहा था कि अनिल देशमुख एक्सीडेंटल गृह मंत्री हैं, शरद पवार असल में जितेंद्र पाटिल या दिलीप वलसे पाटिल को गृह मंत्री बनाना चाहते थे। इस लिहाज से अनिल देशमुख के इस्तीफे से एनसीपी को कोई नुकसान नजर नहीं आ रहा है। लेकिन… Continue reading एनसीपी नहीं, शिव सेना खतरे में!

महाराष्ट्र के राज्यपाल कब देंगे मंजूरी?

राज्य कैबिनेट की बैठक ने 30 अक्टूबर 2020 को 12 नामों की मंजूरी दी थी। राज्य सरकार ने सात नवंबर 2020 को इसे राज्यपाल के पास मंजूरी के लिए भेज दिया।

कौन डराना चाहता था अंबानी को?

आखिर देश के सबसे बड़े उद्योगपति के घर के पास विस्फोटक से भरी गाड़ी खड़ी करके कौन उनको डराना, धमकाना या चेतावनी देना चाहता था? इससे किसी को क्या हासिल होने वाला था, यह भी बड़ा सवाल है।

महाराष्ट्र में तेज हुई राजनीतिक हलचल

देश के सबसे बड़े उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के पास विस्फोटर से भरी गाड़ी मिलने के मामले में नए घटनाक्रम के बाद महाराष्ट्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है

ठाकरे ने बढ़ाई कांग्रेस की चिंता

उद्धव ठाकरे ने विधानसभा में बजट भाषण पर चर्चा के दौरान अपने भाषण में कई ऐसा बातें कहीं, जिनसे कांग्रेस में चिंता हुई है। उन्होंने मजाकिया अंदाज में भाजपा पर तंज करते हुए कहा कि ‘हम पहले उनके साथ थे और आगे भी कभी साथ हो सकते हैं’।

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