नज़र रखने की जरूरत
सऊदी अरब की निगाह ईरान की बढ़ती ताकत को संतुलित करने के साथ-साथ ग्रेटर इजराइल की महत्त्वाकांक्षा के खिलाफ मोर्चा बनाना भी है। मगर, पाकिस्तान के भी अपने मकसद हैं, जिसके निशाने पर हमेशा भारत ही रहता है। पाकिस्तान के साथ सऊदी अरब और तुर्किये के त्रिपक्षीय रक्षा समझौते का निशाना फिलहाल संभवतः ईरान है, लेकिन यह महत्त्वपूर्ण घटनाक्रम है, जिस पर भारत को भी नज़र रखनी चाहिए। इस करार का सबसे अहम पहलू नाटो की तर्ज पर इसमें शामिल यह सिद्धांत है कि किसी एक सदस्य देश पर हमला सब पर हमला समझा जाएगा। इस शर्त के साथ हुआ...