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खतरे की घंटी है हद से ज्यादा जंक फूड का सेवन

बच्चे हों या बड़े, हर किसी का जंक फूड घरों में तेजी से जगह बनाता जा रहा है। शाम के वक्त छोटी भूख को मिटाने के लिए हेल्दी ऑप्शन की जगह लोग जंक फूड्स का सहारा लेते हैं क्योंकि वो तुरंत खाए जा सकते हैं लेकिन शरीर के लिए हानिकारक भी होते हैं।  

कभी-कभी बाहर का खाना शरीर को उतना नुकसान नहीं पहुंचाता लेकिन रोजाना शाम की भूख को मिटाने के लिए जंक फूड का सहारा लेना, शरीर को बीमार करने के लिए काफी है। इसलिए हम जंक फूड्स को रिप्लेस करने वाले हेल्दी ऑप्शन के बारे में बताएंगे, जो क्रेविंग को कम कर शरीर को अनगिनत लाभ देंगे।

फरवरी के महीने के बाद गर्मियां आना शुरू हो जाती है, सिर्फ सुबह और शाम की हल्की ठंड ही होती है। ऐसे में शरीर को हाइड्रेट और ठंडा रखने के लिए डिब्बाबंद पेय पदार्थों का सहारा लिया जाता है, जो आंत और लिवर दोनों को नुकसान पहुंचाते हैं। इसके बजाय नींबू पानी और शिकंजी पी जा सकती है, जो शरीर को हाइड्रेट भी रखेगी और चेहरे पर निखार भी लाएगी।

पिज्जा और बर्गर आज का फेवरेट जंक फूड बन चुका है, और सिर्फ बच्चे ही नहीं, बल्कि बड़े भी इसके स्वाद के दीवाने हैं। पिज्जा और बर्गर की बजाय बच्चों को ढोकला और सब्जियों के साथ मिक्स करके बनाई गई इडली खिला सकते हैं। इन व्यंजनों का स्वाद बड़ों से लेकर बच्चों तक को अच्छा लगेगा।

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आइसक्रीम और मिठाई ही सभी को पसंद है, लेकिन इसमें मौजूद प्रोसेस्ड चीनी मोटापे, मधुमेह और सूजन को बढ़ावा देती है। ज्यादा सेवन शरीर को बीमार और खोखला कर सकता है। इसके बजाय प्राकृतिक रूप से मीठे मौसमी फलों का सेवन किया जा सकता है, जो मीठे की क्रेविंग को कम कर स्वाद और पोषण दोनों देंगे।

छोटी भूख को खत्म करने के लिए सॉल्टेड चिप्स की डिमांड बढ़ती जा रही है। छोटे बच्चों में चिप्स बहुत ज्यादा पॉपुलर हैं लेकिन सेहत के लिए उतने ही खराब। ऐसे में सॉल्टेड चिप्स की जगह बच्चों को रोस्टेड मखाने, मूंगफली या चने दिए जा सकते हैं। मसाले और नींबू मिलाने के बाद इनका स्वाद और ज्यादा बढ़ जाता है।

अगर आप मांसाहारी हैं और प्रोसेस्ड मीट का सेवन करते हैं, तो इसकी जगह बीन्स, राजमा, चना और दालों का सेवन लाभकारी रहेगा क्योंकि इसमें भरपूर मात्रा में प्रोटीन और आयरन दोनों होते हैं और बीपी और शुगर जैसी बीमारियों से भी बचाव करता है।

Pic Credit : ANI

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By Naya India

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