भारतीय शेयर बाजार मंगलवार के कारोबारी सत्र में हरे निशान में बंद हुआ। दिन के अंत में सेंसेक्स 509.73 अंक या 0.69 प्रतिशत की तेजी के साथ 74,616.58 और निफ्टी 155.40 अंक या 0.68 प्रतिशत की मजबूती के साथ 23,123.65 पर था।
बाजार में तेजी का नेतृत्व आईटी शेयरों ने किया। निफ्टी आईटी इंडेक्स 2.5 प्रतिशत की तेजी के साथ सूचकांकों में टॉप गेनर था। इसके अलावा निफ्टी रियल्टी, निफ्टी मेटल, निफ्टी डिफेंस, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी कमोडिटीज, निफ्टी पीएसई, निफ्टी एनर्जी और निफ्टी प्राइवट बैंक बढ़त के साथ बंद हुए। केवल निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और निफ्टी पीएसयू बैंक लाल निशान में थे।
सेंसेक्स पैक में एचसीएल टेक, टीसीएस, इन्फोसिस, भारती एयरटेल, सन फार्मा, टेक महिंद्रा, एचयूएल, आईटीसी, आईसीआईसीआई बैंक, मारुति सुजुकी, टाटा स्टील, एनटीपीसी, बजाज फिनसर्व, कोटक महिंद्रा बैंक और बजाज फाइनेंस टॉप गेनर्स थे। इंडिगो, एमएंडएम, टाइटन, ट्रेंट, एसबीआई, अल्ट्राटेक सीमेंट, एलएंडटी और इटरनल लूजर्स थे।
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लार्जकैप के अपेक्षा मिडकैप और स्मॉलकैप में मिलाजुला कारोबार हुआ। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 107.90 अंक या 0.20 प्रतिशत की तेजी के साथ 54,600.55 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 9.75 की कमजोरी के साथ 15,843.30 पर था।
एसबीआई सिक्योरिटीज के फंडामेंटल रिसर्च हेड सन्नी अग्रवाल ने कहा कि मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार उतार-चढ़ाव भरे सत्र में बढ़त के साथ बंद हुए। सेंसेक्स में करीब 500 अंकों की बढ़त दर्ज की गई और निफ्टी 50 ने दिनभर की भारी गिरावट से उबरते हुए 23,100 के ऊपर बंद होने का रिकॉर्ड बनाया।
अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण बाजार कमजोर खुले, लेकिन विप्रो, इंफोसिस और टीसीएस के नेतृत्व में आईटी शेयरों में जोरदार खरीदारी और धातु एवं रियल एस्टेट शेयरों के सपोर्ट से बाजार में रिकवरी देखने को मिली।
अग्रवाल ने आगे कहा कि कल आने वाला आरबीआई की मौद्रिक नीति कमेटी का फैसला और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने के लिए अमेरिका द्वारा ईरान को दी गई डेडलाइन, जो भारतीय समयानुसार सुबह 5:30 बजे समाप्त हो रही है, बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
Pic Credit : ANI
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