विदेशी संस्थागत निवेशकों की लिवाली से पिछले कारोबारी सत्र में आई भारी गिरावट के बाद स्थानीय शेयर बाजार में बृहस्पतिवार को तेजी लौटी और दोनों मानक सूचकांक सेंसेक्स तथा निफ्टी बढ़त के साथ बंद हुए।
एक विशेषज्ञ ने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच लगातार दूसरे दिन भी हमले होने से बाजार में सतर्कता का माहौल बना रहा।
बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 238.22 अंक यानी 0.31 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76,741.82 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 823.05 अंक यानी 1.07 प्रतिशत चढ़कर 77,326.65 अंक तक पहुंच गया था।
एनएसई निफ्टी 80.75 अंक यानी 0.34 प्रतिशत बढ़कर 23,962.80 अंक पर बंद हुआ।
सेंसेक्स की कंपनियों में सन फार्मा, भारती एयरटेल, बजाज फिनसर्व, इंटरग्लोब एविएशन, इटर्नल और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयर सबसे अधिक बढ़त में रहे। वहीं, इन्फोसिस, मारुति, एनटीपीसी और एक्सिस बैंक के शेयर नुकसान में रहे।
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा भारतीय शेयर बाजारों में वैश्विक संकेतकों के समर्थन से मध्यम स्तर की वापसी देखने को मिली, हालांकि पिछले कारोबारी सत्र में बिकवाली की वजह बने भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर निवेशकों की नजर बनी रही।
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अन्य एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की-225 और चीन का एसएसई कम्पोजिट बढ़त के साथ बंद हुए जबकि हांगकांग का हैंगसेंग नुकसान में रहा।
यूरोप के अधिकतर बाजार दोपहर के कारोबार में बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं। अमेरिकी बाजार बुधवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे।
ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पोनमुडी आर. ने कहा अमेरिका और ईरान के बीच लगातार दूसरे दिन भी हमले होने से निवेशकों का रुख सतर्क बना रहा। इससे कूटनीतिक वार्ता की संभावनाओं पर संदेह बढ़ा और जोखिम लेने की धारणा सीमित रही।’’
अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 0.15 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78.14 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहा।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बुधवार को शुद्ध लिवाल रहे थे और उन्होंने 1,962.80 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। सेंसेक्स बुधवार को 2.15 प्रतिशत और निफ्टी 2.12 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ था।
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