पश्चिम एशिया में बढ़ते तनावों के चलते वैश्विक बाजार में अस्थिरता के बीच बुधवार को कीमती धातुओं (सोने-चांदी) की कीमतों में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला।
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के आंकड़ों के मुताबिक, बुधवार को 999 प्यूरिटी वाला गोल्ड 1,60,230 रुपए प्रति 10 ग्राम के भाव पर पहुंच गया, जबकि इससे पहले मंगलवार को 999 प्यूरिटी वाले गोल्ड की कीमत 1,60,188 रुपए थी। यानी एक दिन में सोने का भाव 42 रुपए महंगा हुआ है।
वहीं यदि चांदी की बात करें तो आईबीजेए के अनुसार, बुधवार को 999 प्यूरिटी वाली चांदी का भाव 2,66,010 रुपए प्रति किलोग्राम रहा। इससे पहले बीते मंगलवार को इसकी कीमत 2,70,944 रुपए प्रति किलोग्राम थी। यानी आज चांदी के दाम में 4,934 रुपए प्रति किलो की गिरावट आई है।
वहीं अगर मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने-चांदी की कीमतों की बात करें तो, खबर लिखे जाने तक (शाम करीब 5.57 बजे) अप्रैल डिलीवरी वाला सोना 955 रुपए यानी 0.58 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,62,348 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता नजर आया। वहीं मई डिलीवरी वाली चांदी 2.71 प्रतिशत यानी 7,524 रुपए गिरकर 2,70,326 पर पहुंच गई।
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बाजार में सोने और चांदी में गिरावट पर मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड में कमोडिटीज एनालिस्ट मानव मोदी ने कहा कि युद्ध को लेकर मिले-जुले संकेतों के चलते माहौल अस्थिर बना हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने पहले संकेत दिया था कि संघर्ष जल्द समाप्त हो सकता है, जबकि बुधवार की सुबह तक अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष से तत्काल तनाव कम होने के कोई संकेत नहीं मिले, जिससे युद्ध लगातार बारहवें दिन भी जारी रहा।
हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप ने इजरायल से ईरान पर हमले रोकने का आग्रह किया, जबकि ईरान ने जहाजों के आवागमन को रोकने के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगें बिछाने का दावा किया।
ऐसे में, अब कमोडिटी बाजार का ध्यान आगामी अमेरिकी उपभोक्ता मुद्रास्फीति आंकड़ों पर है, जो फेडरल रिजर्व के नीतिगत दृष्टिकोण के बारे में और संकेत दे सकते हैं, हालांकि ये आंकड़े संघर्ष से जुड़ी बढ़ती ऊर्जा कीमतों के मुद्रास्फीति प्रभावों को पूरी तरह से नहीं दर्शाएगे।
एक्सपर्ट ने आगे बताया कि इस सप्ताह जारी होने वाले अमेरिकी जीडीपी और महंगाई के आंकड़े भी फोकस में रहेंगे, जिनसे आर्थिक स्थिति और आगे की मौद्रिक नीति के मार्ग के बारे में बेहतर स्पष्टता मिलेगी। इससे ही सोने और चांदी की आगे की चाल तय होगी।
Pic Credit : ANI
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