• संवैधानिक व्यवस्था और हक़ीक़त

    भोपाल। चुनाव कानून बनाने वालों का, पर वे तो सरकार बनाने लगे। अदालतें न्याय के लिए, पर वे व्यवस्था की रक्षा करने लगे। विगत एक वर्ष की घटनाएं जो राज्यो में घटी, वे कम से कम उपरोक्त कथन को अगर शत प्रतिशत नहीं तो काफी हद तक तो पुष्ट करती हैं। इस अवधि में देश के विभिन्न राज्यों में विधायक चुनने की कवायद तो की गयी, परंतु वह कानून से अधिक सरकार बनाने के लिए हुई, है ना ताज्जुब। क्यूंकि केंद्र अथवा राज्यों की विधायिकाएं अब सरकार के एजेंडे को पास करने भर का काम कर रही है, ना कि...

  • सरकार की सांसत: ओबामा की टिप्पणी और मणिपुर में जातीय हिंसा…!

    भोपाल । औपचारिकता को आयौजन में बदलने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रचार तंत्र की टुकड़ी को अमेरिका यात्रा को अभूतपूर्व बताने वाले भूल गए कि पंडित जवाहर लाल नेहरू, इन्दिरा गांधी और राजीव गांधी की राजकीय यात्राओ में मेहमानों का स्वागत मोदी जी की अगवानी से कहीं अधिक भव्य हुआ था ! सोशल मीडिया में उनके स्वागत की क्लिपिङ्ग्स खूब अधिक संख्या में प्रचारित हो रही हैं। सबसे पहले तो न्यूयार्क में मोदी जी अगवानी विदेश मंत्रालय के एक नौकरशाह द्वारा किया जाना सबूत हैं। फिर वाशिंगटन में भी ऐसा ही दुहरा दिया गया ! जबकि नेहरू और इन्दिरा...