• कॉरपोरेट दिग्गजों के बुरे दिन

    इस बार लोकसभा चुनाव में राजनीति के कई दिग्गजों की किस्मत दांव पर लगी है और कई लोगों को बुरे दिन आने वाले हैं लेकिन राजनीति से अलग कॉरपोरेट के कई दिग्गजों के इन दिनो बुरे दिन चल रहे हैं। हालांकि सबके बुरे दिन आने के अलग अलग कारण हैं लेकिन खोजने पर कोई कॉमन कारण भी मिल ही जाएगा। बहरहाल, पिछले कुछ दिनों में कई बड़े कॉरपोरेट दिग्गज मुश्किल में आए हैं। corporate sector ताजा नाम विजय शेखर शर्मा का है, जिनको पेटीएम के चेयरमैन पद से इस्तीफा देना पड़ा है। कंपनी पर रिजर्व बैंक की पाबंदियों और शेयर...

  • नीतीश शराबबंदी पर नया सर्वे कराएंगे

    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शराबबंदी के अपने फैसले पर एक बार फिर राज्य में सर्वेक्षण कराने वाले हैं। उन्होंने शनिवार को कहा कि राज्य के कर्मचारी घर घर जाकर लोगों की इस नीति पर राय लेंगे। जाहिर है कि सरकारें जब सर्वेक्षण या जनमत संग्रह कराती हैं तो नतीजा वही आता है, जो सरकारें चाहती हैं। दिल्ली में इस तरह के सर्वेक्षण अरविंद केजरीवाल कितनी बार करा चुके हैं, जिनके नतीजे लोगों को पहले से पता होते हैं। सो, बिहार में भी शराबबंदी पर सर्वेक्षण होगा तो नीतीश के मन लायक ही नतीजे आएंगे। लोग इसकी तारीफ करेंगे और...

  • एससी आरक्षण के वर्गीकरण का आयोग बनेगा!

    केंद्र सरकार ने 2017 में अन्य पिछड़ी जातियों के वर्गीकरण के लिए एक आयोग का गठन किया था। जस्टिस जी रोहिणी की अध्यक्षता वाले इस आयोग को एक दर्जन से ज्यादा विस्तार मिला लेकिन अंततः उसने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। अगले लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस और समाजवादी पार्टियों की जाति गणना रणनीति का जवाब देने के लिए केंद्र सरकार इसका क्या इस्तेमाल करती है वह देखने वाली बात होगी। उससे पहले अनुसूचित जातियों के वर्गीकरण के लिए एक आयोग बनाने की चर्चा शुरू हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद इसका संकेत तेलंगाना की चुनावी...

  • वायु प्रदूषण आप की सबसे बड़ी विफलता

    वैसे तो दिल्ली की झुग्गी बस्तियों और निम्न आय मध्य वर्ग की बस्तियों में मुफ्त बिजली और मुफ्त पानी उपलब्ध कराने के अलावा दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है। उसका स्कूल और अस्पताल के मॉडल की भी हकीकत सबको पता चल गई है। अस्पतालों की हालत तो कोरोना के समय दिखी थी। स्कूलों में भी रंग-रोगन और कॉस्मेटिक सर्जरी के अलावा कुछ नहीं हुआ है। यमुना नदी की बदहाली भी सबके सामने है। लेकिन वायु प्रदूषण रोकना दिल्ली सरकार की सबसे बड़ी विफलता है। आम आदमी पार्टी दिल्ली में प्रदूषण खत्म कर देने...

  • कोरोना प्रबंधन के बारे में क्या पढ़ाया जाएगा?

    एक बहुत दिलचस्प खबर आई है कि अब स्कूलों में बच्चों को चंद्रयान-तीन की सफल लैंडिंग, जी-20 शिखर सम्मेलन के आयोजन और कोरोना प्रबंधन के बारे में पढ़ाया जाएगा। इन तीनों को सिलेबस में शामिल करने का फैसला इसलिए किया गया है ताकि बच्चों को आधुनिक समय के घटनाक्रम के बारे में जानकारी रहे। निश्चित रूप से चंद्रयान-तीन की सफल लैंडिंग भारत के अंतरिक्ष वैज्ञानिकों की बड़ी उपलब्धि है और जी-20 शिखर सम्मेलन का आयोजन भी भारत की एक बड़ी कूटनीतिक सफलता है। इनके बारे में बच्चों को बताया जाना चाहिए। लेकिन सवाल है कि कोरोना के प्रबंधन के मामले...

  • चुनाव आयोग हर बार क्या तैयारी करता है?

    यह किसी को समझ में नहीं आता है कि हर बार चुनाव आयोग इतनी तैयारी करके चुनावों की घोषणा करता है और हर बार कुछ न कुछ कमी रह जाती है। जैसे अभी चुनाव आयोग को राजस्थान में चुनाव की तारीख बदलनी पड़ी है। सवाल है कि क्या आयोग को देवउठनी एकादशी के बारे में पता नहीं था या किसी ने बताया नहीं था? राजस्थान सहित पूरे देश में इसका बड़ा महत्व है। उस दिन चार महीने के शयन के बाद देव जगते हैं और हिंदू परिवारों में शुभ कार्यों की शुरुआत होती है। लेकिन चुनाव आयोग ने उसी दिन...

  • पांच विधानसभाओं का रिपोर्ट कार्ड

    पांच राज्यों में विधानसभा के चुनाव होने जा रहे हैं। चुनाव आयोग ने तारीखों की घोषणा कर दी है। चुनावों में हमेशा सरकारों के कामकाज की समीक्षा होती है और उस आधार पर वोट मांगे जाते हैं। उसी आधार पर विपक्ष की ओर से सरकार पर हमला किया जाता है। शायद ही कभी ऐसा होता है कि चुनाव में विधानसभा के कामकाज की रिपोर्ट आए और उसकी समीक्षा की जाए। सोचें, यह जानना कितना जरूरी है कि जिस विधानसभा के लिए चुनाव हो रहे हैं, पांच साल में उसकी परफॉरमेंस कैसी है? उसने कितना काम किया है और क्या काम...

  • राज्यों के चुनाव में जाति गणना बड़ा मुद्दा

    पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में जातियों की गिनती का मामला सबसे बड़ा मुद्दा बन गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भले इसे देश को जात-पात पर बांटने की साजिश बताएं लेकिन चुनावी राज्यों में जाति गणना का मुद्दा केंद्र में गया है। बिहार में जाति गणना के आंकड़े सामने आने के बाद ओडिशा ने भी जाति गणना का आंकड़ा जारी किया है। उसने बताया है कि ओडिशा में 39 फीसदी थोड़ी ज्यादा पिछड़ी जातियों की आबादी है। इसके बाद कर्नाटक ने कहा है कि उसका भी आंकड़ा जल्दी ही जारी हो सकता है। ये चुनावी राज्य नहीं हैं लेकिन बिहार,...

  • भाजपा को क्यों चिंता हो रही है?

    बिहार में भारतीय जनता पार्टी के नेताओं की चिंता बढ़ी है। पार्टी सारे दांव आजमा रही है कि किसी तरह से जाति गणना का श्रेय उसे भी मिले या यह मैसेज जाए कि वह भी पिछड़ों और अति पिछड़ों की राजनीति करती है। इसके लिए पार्टी के नेता सुशील मोदी ने सोशल मीडिया में दावा किया कि जाति गिनती का फैसला तब हुआ था जब भाजपा सरकार में थी। उन्होंने बड़ी होशियारी से लिखा कि भाजपा सरकार में थी, जबकि सरकार एनडीए की थी, जिसका नेतृत्व नीतीश कुमार कर रहे थे। इतना ही नहीं नीतीश कुमार उस समय के विपक्ष...

  • जाति के आंकड़ों पर सवाल

    बिहार में जाति गणना के आंकड़े सामने आने के बाद उस पर कई तरह के सवाल भी उठने लगे हैं। एक तरफ यह कहा जा रहा है कि कहा जा रहा है कि इससे पिछड़ा राजनीति और मजबूती से स्थापित होगी, जिसका दौर 1990 से शुरू हुआ था और साथ ही सवर्णों की राजनीति और कमजोर होगी तो दूसरी ओर यह कहा जा रहा है कि जान बूझकर आंकड़ों में गड़बड़ी की गई है ताकि सवर्ण आबादी कम दिखाई जाए। यहां तक कि कई पिछड़ी जातियों के नेता मान रहे हैं कि उनकी जाति की संख्या कम बताई गई है।...

  • डीएमके सरकार ने रास्ता दिखाया

    तमिलनाडु की डीएमके सरकार ने देश भर की सरकारों को रास्ता दिखाया है। अंगदान को लेकर राज्य सरकार ने एक बड़ी पहल की है। एमके स्टालिन सरकार ने ऐलान किया है कि मृत्यु से पहले अंगदान करने वालों का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। यह बहुत बड़ी पहल है। अंगदान करने के लिए लोगों को प्रेरित करने के लिए की गई इस पहल का राज्य में फायदा होगा। ध्यान रहे 15 साल पहले तमिलनाडु में ही एक दंपत्ति ने ब्रेनडेड होने के बाद अपने बेटे का अंगदान किया था। उस दिन को अंगदान दिवस के नाम...

  • स्कूल-कॉलेज बंद करने की नोएडा प्रशासन की बेचैनी

    ऐसा लग रहा है कि किसी भी छोटे बड़े इवेंट के समय नोएडा प्रशासन को सबसे आसान काम स्कूल-कॉलेज बंद कर देना लगता है। दुनिया के सभ्य देशों में बड़ी से बड़ी आपदा के समय  भी स्कूल-कॉलेज खोले रखे जाते हैं। जापान में तो भूकंप और सुनामी के तुरंत बाद सबसे पहले स्कूल-कॉलेज खोलने का काम होता है। लेकिन दिल्ली से सटे नोएडा में बात बात में स्कूल-कॉलेज बंद कर दिया जाता है। अभी नोएडा में मोटर रेस का इवेंट मोटोजीपी भारत का आयोजन होना है और उसके बाद इंटरनेशनल ट्रेड शो, 2023 का आयोजन होना है और इसके लिए...

  • संसद में काम नहीं होता सुप्रीम कोर्ट में होता है!

    सुप्रीम कोर्ट में संविधान के अनुच्छेद 370 पर सुनवाई हो रही है। छह दिन की सुनवाई हो गई है और अभी तक सिर्फ याचिकाकर्ताओं के वकीलों की दलीलें सुनी गई हैं। याचिककर्ताओं का मतलब है, जिन लोगों ने अनुच्छेद 370 हटाए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दी है। इसे हटाए जाने को सही ठहराने के लिए भी एक याचिका पिछले दिनों सर्वोच्च अदालत में दायर की गई थी, लेकिन उसे अदालत ने खारिज कर दिया था। सो, 20 से ज्यादा याचिकाएं हैं, जिनमें अनुच्छेद 370 को हटाने का विरोध किया गया है। ये याचिकाएं दायर करने वालों की...

  • कैग का अचानक घोटाला खोलना

    देश में नियंत्रक व महालेखापरीक्षक, सीएजी यानी कैग नाम की एक संस्था है यह बात लोग भूल चुके हैं। लोग यह भी ध्यान नहीं रखते हैं कि 2014 में भाजपा की जीत में नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता के बराबर हाथ उस समय के कैग विनोद राय द्वारा खोले गए कथित 2जी और कोयला घोटाले का भी था। तब सबकी जुबान पर कैग का नाम था। पिछले नौ साल से कैग का नाम लोग भूल चुके हैं क्योंकि उसकी कोई रिपोर्ट नहीं आती है और आती भी है तो उसमें सरकार पर सवाल उठाने वाली कोई बात नहीं होती है। लेकिन...

  • राज्यसभा में फर्जीवाड़ा कैसे हुआ?

    दिल्ली के सेवा बिल पर सोमवार को हुई चर्चा के दौरान राज्यसभा में एक अजीब वाकया हुआ, जिसे लेकर बिल पर वोटिंग से पहले काफी विवाद हुआ। अंत में आसन पर मौजूद उप सभापति हरिवंश नारायण ने इसकी जांच कराने की बात कही। असल में आम आदमी पार्टी के राघव चड्ढा ने प्रस्ताव दिया कि इस बिल को प्रवर समिति को भेजा जाए। उन्होंने प्रवर समिति में शामिल होने वाले सांसदों के नाम की सूची भी दी। उप सभापति ने उनका यह प्रस्ताव पढ़ा और उसके बाद सांसदों के नाम बताए। बताया जा रहा है कि पांच सांसद इस बात...

  • कांग्रेस छोड़ने वाले नेताओं की दशा

    कांग्रेस पार्टी छोड़ कर दूसरी पार्टियों में खास कर भाजपा में जाने वाले कुछ नेताओं की चांदी है। कई नेता तो मुख्यमंत्री बन गए हैं। असम में हिमंत बिस्वा सरमा, त्रिपुरा में माणिक साहा, मणिपुर में एन बीरेन सिंह, अरुणाचल प्रदेश में पेमा खांडू आदि पहले कांग्रेस में थे और अब भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री हैं। कई पूर्व कांग्रेसी नेता केंद्र सरकार में मंत्री भी हैं। लेकिन बड़ी संख्या में नेता ऐसे भी हैं, जो कांग्रेस छोड़ कर भाजपा में गए और कुछ हाथ नहीं लगा। उनकी स्थिति न माया मिली न राम वाली हो गई। ऐसे कई नेता...

  • क्या लोकसभा चुनाव में गड़बड़ी हुई थी?

    कई लोग इस तरह के सवाल उठाते हैं कि चुनावों में गड़बड़ी हो रही है। कई लोग ईवीएम को दोष देते हैं तो कुछ लोग मतदाता सूची में गड़बड़ी कराने या प्रशासन के इस्तेमाल के आरोप लगाते हैं। लेकिन अब इस मामले में एक नई रिपोर्ट आई है, जिसे लेकर विवाद शुरू हो गया है। देश के प्रतिष्ठित अशोक यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर सब्यसाची दास ने एक शोध में बताया है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में जिन सीटों पर नजदीकी मुकाबला था वहां भाजपा को अनुपात से ज्यादा सीटें मिलीं और खास कर ऐसे राज्यों में, जहां उस समय...

  • बृजभूषण को हराने का अभियान गंभीर है

    क्या भारतीय जनता पार्टी और केंद्र सरकार की इच्छा है कि बृजभूषण शरण सिंह को पूरी तरह से भारतीय कुश्ती महासंघ से बाहर किया जाए? भाजपा में कोई तो है, जो बृजभूषण का राज खत्म करने के लिए काम कर रहा है। ऐसा लग रहा है कि ऊपर से यह प्रयास हो रहा है कि किसी महिला को अध्यक्ष बनाया जाए ताकि महिला पहलवानों के आंदोलन से हुए नुकसान की भरपाई हो जाए। बृजभूषण के खिलाफ महिला पहलवानों ने जब दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन किया और केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर के साथ उनकी बैठक हुई तो महिला...

  • आरक्षण के भीतर आरक्षण होगा क्या?

    जस्टिस जी रोहिणी के अध्यक्षता में बने आयोग ने अपनी रिपोर्ट राष्ट्रपति को सौंप दी है। इस आयोग का गठन 2017 में हुआ था और तीन महीने में इसे अपनी रिपोर्ट देनी थी। लेकिन पिछले छह साल में आयोग को 14 विस्तार मिला और अब जाकर इसने अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपी है। इस आयोग को यह पता लगाना था कि आरक्षण का लाभ क्या समान रूप से सभी जातियों को मिल रहा है? जस्टिस रोहिणी आयोग ने अपनी शुरुआती फाइंडिंग में बता दिया था कि कुछ जातियां हैं, जो आरक्षण का ज्यादा लाभ ले रही हैं, जबकि ज्यादातर कमजोर जातियों...

  • राजभर और दारा सिंह दोनों मंत्री बनेंगे

    उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार का विस्तार होने वाला है। बताया जा रहा है कि अगस्त के पहले हफ्ते में विस्तार हो सकता है। पिछले दिनों वापस एनडीए में शामिल हुए सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के नेता ओमप्रकाश राजभर को मंत्री बनाए जाने की चर्चा है। वे खुद अपनी ओर से पहले ही इसका ऐलान कर चुके हैं। दिल्ली में हुई एनडीए की बैठक से पहले जब वे भाजपा गठबंधन में लौटे थे तभी उनके करीबी सूत्रों के हवाले से खबर आई थी कि उन्होंने अगले चुनाव में लोकसभा की तीन सीटें मांगी हैं और साथ ही राज्य...

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