nayaindia India US relations किस मोड़ पर रिश्ता?
Editorial

किस मोड़ पर रिश्ता?

ByNI Editorial,
Share

दोनों देशों ने ब्रिटिश अखबार की खबर की पुष्टि की है। यह संकेत है कि अमेरिका भारत के साथ कोई सार्वजनिक विवाद खड़ा नहीं करना चाहता, जैसाकि कनाडा ने किया था। लेकिन इससे दोनों देशों के बीच पैदा हुए अविश्वास का संकेत भी मिला है।

एक ब्रिटिश अखबार ने यह सनसनीखेज खबर छापी कि अमेरिका ने अपने यहां खालिस्तानी कार्यकर्ता गुरपतवंतसिंह पन्नूं की हत्या की कोशिश को नाकाम कर दिया था और इस बारे में उसने भारत को चेतावनी दी थी। उसी खबर में बताया गया कि अमेरिकी अभियोजकों ने इस बारे में एक वैधानिक दस्तावेज तैयार किया है। प्रशासन के भीतर अभी इस बात पर चर्चा चल रही है कि इसमें शामिल बातों को अभी सार्वजनिक किया जाए या कनाडा में सिख अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के मामले में चल रही जांच के किसी नतीजे पर पहुंचने तक इंतजार किया जाए। ये खबर जी-20 की भारत की तरफ से आयोजित ऑनलाइन बैठक से कुछ ही घंटों पहले प्रकाशित हुई। बाद में भारत ने पुष्टि की कि अमेरिका ने उसे संदेश भेजा था, जिसमें वहां अपराधियों, बंदूक तस्करों और आतंकवादियों की मिलीभगत के बारे में सूचना दी गई थी। उधर अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता ने पत्रकारों से कहा कि अमेरिका इस मामले को अति गंभीरता से ले रहा है और इसे भारत के साथ “सर्वोच्च स्तर” पर भी उठाया गया है।

प्रवक्ता ने कहा है कि अमेरिका अपने नागरिको की सुरक्षा को सर्वोच्च महत्त्व देता है। उसने कहा कि अमेरिका को उम्मीद है कि इस घटना के लिए दोषी लोगों की जवाबदेही भारत तय करेगा। जाहिर है, दोनों देशों ने ब्रिटिश अखबार की खबर की संकेतों की भाषा में पुष्टि की है। यह इस बात का संकेत है कि अमेरिका इस मसले को भारत के साथ कोई सार्वजनिक विवाद खड़ा नहीं करना चाहता, जैसाकि कनाडा ने किया था। लेकिन अमेरिका ने इस विवाद में कनाडा का पूरा समर्थन किया है। अभी इसी महीने 2+2 वार्ता के लिए नई दिल्ली आए अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने पत्रकारों से कहा था कि अमेरिका ने भारत से कनाडा की जांच में सहयोग करने को कहा है। अर्थात इस मामले में अमेरिका ने भारत के खंडन को स्वीकार नहीं किया है। यह साफ तौर पर दोनों देशों के संबंध में पैदा हुए अविश्वास का संकेत है। इससे इस रिश्ते की भावी स्वरूप पर कई सवाल खड़े हो गए हैं।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें

  • कुछ सबक लीजिए

    जब आर्थिक अवसर सबके लिए घटते हैं, तो हाशिये पर के समुदाय उससे ज्यादा प्रभावित होते हैं। इसलिए कि सीमित...

  • चाहिए विश्वसनीय समाधान

    चुनावों में विश्वसनीयता का मुद्दा सर्वोपरि है। इसे सुनिश्चित करने के लिए तमाम व्यावहारिक दिक्कतें स्वीकार की जा सकती हैं।...

Naya India स्क्रॉल करें