अभिनेता अक्षय कुमार ने शो ‘व्हील ऑफ फॉर्च्यून इंडिया’ के हालिया एपिसोड में मोबाइल फोन की लत को लेकर गंभीर बात की। उन्होंने इसे बच्चों के लिए एक बड़ा खतरा बताया और माता-पिता से जागरूक होने की अपील की।
यह चर्चा शो के दौरान कंटेस्टेंट्स आकाश सिंह, प्रियांशी सिंह और प्रतीक चतुर्वेदी के साथ हुई, जिसके दौरान डिजिटल युग, टेक्नोलॉजी और पेरेंटिंग पर गहरी बातचीत हुई। अक्षय ने बताया कि आजकल लोग एक रील या वीडियो देखना शुरू करते हैं, लेकिन फिर घंटों तक फोन पर लगे रहते हैं। अभिनेता ने कहा, “छोटे-छोटे वीडियो देखने में लोग औसतन छह घंटे मोबाइल स्क्रीन पर रहते हैं।
उन्होंने इसे बच्चों के लिए ‘जाल’ करार दिया, जिसमें फंसना बहुत आसान है। शो में अक्षय ने प्रियांशी से सोशल मीडिया ऐप्स के बढ़ते प्रभाव पर सवाल किया और स्टूडियो में मौजूद दर्शकों से पूछा, “यहां कितने मां-बाप हैं जिन्हें लगता है कि उनके बच्चे मोबाइल की लत में फंस चुके हैं?
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इस सवाल पर एक दर्शक ने जवाब देते हुए कहा, “सर, आजकल बच्चे खाना भी मोबाइल देखकर ही खाते हैं।” यह सुनकर अक्षय ने कहा कि समस्या की जड़ खुद अभिभावकों में है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बच्चे छोटी उम्र में फोन नहीं मांगते, बल्कि माता-पिता ही उन्हें हाथ में थमा देते हैं। कम उम्र में मोबाइल फोन बच्चों के लिए एक खतरनाक जाल की तरह काम करता है, जो उनकी पढ़ाई, स्वास्थ्य और विकास को प्रभावित करता है।
इसी से रिलेट करते हुए अभिनेता ने अपने दोस्त का किस्सा सुनाया। उन्होंने बताया, “मेरे एक दोस्त ने लगातार साढ़े छह घंटे रील्स देखने की आदत बनाई थी। इससे उनकी डायबिटीज काफी बढ़ गई और स्थिति गंभीर हो गई।
अक्षय ने आगे कहा, “आजकल कितने लोग डिजिटल रिहैब में एडमिट हो रहे हैं। मैं सभी बच्चों के माता-पिता से अपील करता हूं कि अगर उन्हें लगे कि बच्चा लत का शिकार हो रहा है, तो पहला कदम खुद उठाना होगा। बच्चे निर्दोष हैं, उन्हें गलत-सही समझाने की जिम्मेदारी माता-पिता की है। शुरुआती संकेतों को पकड़ना और बच्चे को सही रास्ता दिखाना जरूरी है।
अक्षय ने अंत में कहा, “मैं किसी को सिखा नहीं रहा। जिसको सही लगे, वो अपनाएं। ठीक नहीं लगे, तो आप माता-पिता हैं। आपसे ज्यादा समझदार कोई नहीं।
Pic Credit : ANI
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