मुंबई। करोड़ों रुपयों के गबन से संबंधित मीठी नदी सफाई घोटाला मामले में फंसे अभिनेता डिनो मोरिया की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। मामले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय ने मुंबई स्थित उनके आवास पर शुक्रवार को छापेमारी की।
जानकारी के अनुसार, डिनो मोरिया के अलावा बीएमसी के सहायक अभियंता प्रशांत रामुगडे समेत अन्य के ठिकानों पर भी ईडी ने छापेमारी की है।
मामले में अभिनेता 28 मई को ईओडब्ल्यू जांच अधिकारियों के सामने पेश हुए थे। अधिकारियों ने अभिनेता से लगभग सात घंटे तक पूछताछ की थी, जिसमें उन्होंने कई अहम सवालों के जवाब दिए।
26 मई को भी डिनो मोरिया से पूछताछ की गई थी। ईओडब्ल्यू के अधिकारियों के मुताबिक, डिनो मोरिया को इसलिए बुलाया गया क्योंकि जांच में उनकी और उनके भाई सैंटिनो मोरिया की और इस मामले के मुख्य आरोपी केतन कदम के फोन पर कई बार बातचीत के रिकॉर्ड मिले हैं। अब पुलिस ये समझना चाहती है कि इनके बीच क्या चर्चा हुई थी।
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आरोप है कि मीठी नदी की सफाई के लिए इस्तेमाल होने वाली मशीनें, जैसे कि कीचड़ हटाने वाली और गहरी खुदाई करने वाली मशीन आदि को किराए पर लेने वाले पैसे का गलत इस्तेमाल हुआ।
बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने कथित तौर पर कोच्चि स्थित कंपनी मैटप्रॉप टेक्निकल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड से प्राप्त मशीनों के लिए बढ़ी हुई कीमतें चुकाईं।
जांचकर्ताओं का मानना है कि इस धोखाधड़ी को बीएमसी के कुछ अधिकारी और मैटप्रॉप कंपनी के कर्मचारियों ने मिलकर अंजाम दिया। केतन कदम और उसके साथी जय जोशी ने बीएमसी के पास बढ़ा-चढ़ाकर बिल भेजा, यानी असल कीमत से ज्यादा पैसे मांगे।
इस मामले में डिनो मोरिया को आरोपी नहीं बनाया गया है। लेकिन, पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार व्यक्ति से उनके संबंध को समझना जरूरी है, जिसके चलते उन्हें तलब किया गया है।
Pic Credit : ANI
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