पटना। बिहार में भाजपा के साथ गठबंधन करके लड़ रही नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यू ने अपने कोटे की सभी 16 सीटों के लिए उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर दी है। जनता दल यू की पिछली बार जीती दो सीटें दूसरी सहयोगी पार्टियों के खाते में चली गई हैं। सो, उनके दो सांसद गठबंधन की वजह से बेटिकट हो गए। इसके अलावा नीतीश कुमार ने दो सांसदों की टिकट काट दी, जबकि एक सीट पर पिछली बार हारे हुए उम्मीदवार की जगह नया प्रत्याशी उतारा है। जनता दल यू को एक सीट भाजपा कोटे से मिली है, जिस पर नया उम्मीदवार उतारा गया है।
जनता दल यू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने पार्टी के कई अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में प्रत्याशियों के नाम की घोषणा की। बिहार में एनडीए गठबंधन में भाजपा 17 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ रही है। वहीं जदयू को 16 सीटें मिली हैं और चिराग पासवान की पार्टी पांच सीटों पर लड़ रही है। जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा को एक एक सीट मिली है।
बहरहाल, नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यू ने पिछड़े और अति पिछड़े वर्ग के 11 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। सवर्ण जाति के तीन उम्मीदवार उसकी सूची में हैं। एक अल्पसंख्यक और एक सीट अनुसूचित जाति के खाते में गई है। जदयू की जीती हुई काराकाट सीट उपेंद्र कुशवाहा के खाते में और गया सीट मांझी के खाते में चली गई है। बदले में जदयू को शिवहर सीट मिली है, जहां से आनंद मोहन की पत्नी लवली आनंद चुनाव लड़ेंगी। जदयू ने सिवान और सीतामढ़ी के अपने सांसदों कविता सिंह और सुनील कुमार पिंटू की टिकट काट दी है। सिवान से रमेश सिंह कुशवाहा की पत्नी जयलक्ष्मी और सीतामढ़ी से देवेश चंद्र ठाकुर चुनाव लड़ेंगे। किशनगंज में पिछली बार पार्टी हारी थी वहां से मास्टर मुजाहिद को उम्मीदवार बनाया गया है। बाकी सभी सीटों पर पुराने सांसदों को टिकट मिली है।
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