लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा है कि 20 जुलाई को कनॉट प्लेस में छात्रों पर पैलेट गन का इस्तेमाल हुआ है और इसके पुख्ता प्रमाण उनके पास हैं इसलिए इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
श्री गांधी ने शुक्रवार को यहां संसद भवन थाने में छात्र आंदोलन के दौरान साहिल नाम के एक छात्र पर पैलेटगन के इस्तेमाल का हवाला देते हुए इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की और जब प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई तो वह संसद भवन थाने में यह कहते हुए धरने पर बैठ गये कि जब तक प्राथमिकी नहीं लिखी जाती है वह धरना स्थल से हटेंगे नहीं। मीडिया को इसकी सूचना श्री गांधी के संसद मार्ग थाने पहुंचते ही दी गई थी। खबरें सामने आने के बाद बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता भी संसद मार्ग पहुंच गये। कई कार्यकर्ता थाने के अंदर पहुंचकर नारेबाजी करते भी सुनाई दिये। धरना स्थल पर श्री गांधी के साथ पैलेटगन से पीड़ित साहिल उसके पिता दीपक तथा मां ज्योति के अलावा कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा, सैलजा कुमारी, अधीर रंजन चौधरी, सलमान खुर्शीद, रणदीपसिंह सुरजेवाला, जयराम रमेश, हरीश रावत सहित कई प्रमुख नेता मौजूद रहे।
धरना स्थल पर मीडिया को संबोधित करते हुए श्री गांधी ने कहा “छात्रों पर पैलेट गन का इस्तेमाल हुआ है इसके उनके पास सबूत हैं। उन्होंने साहिल के शरीर पर लगे छर्रे मीडिया कर्मियों को दिखाते हुए कहा कि इसी तरह के तीन छर्रे इस युवक की आंख में हैं। लेडी हार्डिंग अस्पताल के डॉक्टर की रिपोर्ट में भी उसके शरीर में छर्रे होने की बात साफ तौर पर लिखी है। इन छर्रों के कारण साहिल की एक आंख की रोशनी चली गई है और उसके दिल के पास भी छर्रे हैं, जिन्हें छुआ नहीं जा सकता। दिल्ली पुलिस का कहना है कि उसने पैलेट गन का इस्तेमाल नहीं किया, “तो सवाल एक ही है कि आपने नहीं चलाए तो किसी और ने छर्रे चला दिए होंगे और अगर किसी और ने भी छर्रे चलाए हैं तो तो भी अपराध हुआ है।
श्री गांधी ने कहा कि उनकी मांग केवल प्राथमिकी दर्ज करने की है। उनके साथ पीड़ित युवक साहिल की मां ज्योति और पिता दीपक भी मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें बताया गया है कि ऊपर से आदेश आया है कि प्राथमिकी दर्ज नहीं करनी है, लेकिन जब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं होती, वे यहां से नहीं जाएंगे।
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उन्होंने कहा कि इस देश में हजारों लोगों के साथ इस तरह की घटनाएं होती हैं। महिलाओं के साथ दुष्कर्म और गरीबों के साथ अपराध होते हैं तथा नयी दिल्ली के कनॉट प्लेस में पैलेट गन चलाई गई है। उन्होंने कहा कि वह परिवार के लिए न्याय मांग रहे हैं और प्राथमिकी दर्ज होने तक यहां से नहीं जाएंगे। उनका कहना था कि सुबह वह खुद मंदिर मार्ग थाने गए थे, लेकिन वहां प्राथमिकी दर्ज करने से मना कर दिया गया और उन्हें यहां भेजा गया और अब प्राथमिकी दर्ज होने के बाद ही वे यहां से जाएंगे।
श्री गांधी ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के खिलाफ ऐसी बर्बरता गंभीर अपराध है। इस घटना के लिए गृह मंत्री अमित शाह ने छात्रों को कोई सफाई नहीं दी और न प्रधानमंत्री ने उनसे माफी मांगी है।
अब प्राथमिकी होगी, न्यायिक जांच होगी और ऊपर से नीचे तक जो भी इस बर्बरता के दोषी हैं, उन सभी पर कार्रवाई होगी।
इस बीच, साहिल ने मीडिया से कहा कि 20 जुलाई को उस पर पैलेट गन से गोली चलाई गई थी। उसे लेडी हार्डिंग अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से एम्स रेफर किया गया। एम्स में उसकी सर्जरी हुई लेकिन उसकी आंख की रोशनी अभी भी स्पष्ट नहीं है। उसने 14 अगस्त को सात पन्नों की शिकायत अपने वकील के माध्यम से दी थी लेकिन अभी तक प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई है।
कांग्रेस सांसद किशोरी लाल शर्मा ने कहा, “प्राथमिकी दर्ज करवाना हमारा लोकतांत्रिक अधिकार है। पैलेट गन की गोली से पीडि़त युवक इतने दिनों से भटक रहा है और उसकी प्राथमिकी दर्ज नहीं हो रही है। इसलिए श्री गांधी उसकी प्राथमकी दर्ज करवाने के लिए यहां आए। आप देखिए कि लोकतंत्र की कितनी हत्या हो रही है कि एक आम नागरिक के अधिकारों के लिए भी विपक्ष के नेता को उसकी प्राथमिकी दर्ज करवाने को आना पड़ रहा है।
Pic Credit : ANI
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