दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा ने शनिवार को अरविंद केजरीवाल को मिले सरकारी बंगले की तस्वीर साझा करते हुए इसे आलीशान और शीशमहल बताया है। इस बयान पर दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने पलटवार किया और तस्वीर को फर्जी करार दिया है।
आतिशी ने एक्स पोस्ट पर लिखा, “प्रवेश वर्मा द्वारा जारी की गई सारी तस्वीरें फर्जी हैं। वे केजरीवाल के घर की तस्वीरें नहीं हैं। किसका घर कितना आलीशान है, इसका पता करने के लिए रेखा गुप्ता और एलजी साहिब अपना-अपना घर खोल दें और अरविंद केजरीवाल अपना घर खोल देंगे। जनता खुद तय कर लेगी।
वहीं, दूसरे पोस्ट में आतिशी ने कहा, “आज भाजपा के मंत्री प्रवेश सिंह ने पूरी मीडिया को बुलाकर अरविंद केजरीवाल के तथाकथित नए घर की तस्वीरें दिखाईं। लेकिन मजे की बात ये है कि ये तस्वीरें केजरीवाल के घर की नहीं, बल्कि प्रिंटरेस्ट से डाउनलोड की गई हैं! क्या दिन आ गए हैं इनके, जब केजरीवाल के खिलाफ कुछ मिलता नहीं तो इंटरनेट से उठाई गई तस्वीरों के दम पर झूठे दावे किए जा रहे हैं। प्रवेश वर्मा, इससे बेहतर तो आप एआई का इस्तेमाल कर लेते। चोरी इतनी जल्दी तो नहीं पकड़ी जाती।
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वहीं, आप नेता सौरभ भारद्वाज ने राघव चड्ढा सहित 7 राज्यसभा सांसदों के भाजपा विलय पर तंज कसा है। उन्होंने एक्स पर लिखा हमारे कई कार्यकर्ता और स्वयंसेवक भाजपा में शामिल होने वाले 7 सांसदों के बारे में फोन और मैसेज कर रहे हैं। हमें एक बात समझनी चाहिए – भाजपा सरकार सवालों से डरती है। वे नहीं चाहते कि विपक्षी दल, जो असहज सवाल उठाते हैं, सत्ता में आएं। आप का मकसद कभी भी राज्यसभा के उन 7 सांसदों का नहीं था, आप उन स्वयंसेवकों के बारे में है, जिन्होंने पार्षद का टिकट तक नहीं मांगा और फिर भी करियर, परिवार, पढ़ाई अपना सब कुछ त्याग दिया। बड़े नेता, जिनके पास बहुत पैसा है, ईडी से डर सकते हैं, लेकिन आपके स्वयंसेवक नहीं डर सकते। हमें सवाल पूछते रहना चाहिए।
दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि आज एक बार फिर आपके सामने वे लोग हैं, जो दिल्ली की जनता को धोखा देते आ रहे हैं। अन्ना आंदोलन का सहारा लेकर, महात्मा गांधी, शहीद भगत सिंह और बाबासाहेब अंबेडकर की तस्वीरों का सहारा लेकर, आम आदमी पार्टी की टोपी पहनकर जिन्होंने एक रुपये के स्टाम्प पेपर पर यह हलफनामा दिया था कि “मैं सरकारी घर नहीं लूंगा, बंगला नहीं लूंगा, गाड़ी नहीं लूंगा”, जो अपने बच्चों की झूठी कसम खाते हैं। दिल्ली के ‘रहमान डकैत’ निकले हैं।
उन्होंने खास तौर पर केजरीवाल के नए सरकारी आवास का जिक्र करते हुए कहा कि वे वर्षों तक अदालतों में जाकर सरकारी घर की मांग करते रहे। अब जब उन्हें आवास मिला है और वे 95, लोधी एस्टेट में शिफ्ट हुए हैं, तो उसकी भव्यता देखकर हर कोई हैरान है। यह आवास किसी आम नागरिक का नहीं, बल्कि किसी आलीशान होटल के सुइट जैसा प्रतीत होता है।
Pic Credit : ANI
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