गगनयान मिशन के लिए इस्तेमाल होने वाले एलवीएम3 रॉकेट के ऊपरी तीसरे चरण, यानी क्रायोजेनिक इंजन का ‘फ़्लाइट एक्सेप्टेंस हॉट टेस्ट’ सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। यह जानकारी इसरो ने गुरुवार को दी। एक ताजा जानकारी में अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा कि उसने एलवीएम3 प्रक्षेपण यान के सातवें परिचालन मिशन (एलवीएम3 एम7) के लिए चुने गए क्रायोजेनिक इंजन की ‘फ़्लाइट एक्सेप्टेंस हॉट टेस्टिंग’ सफलतापूर्वक पूरी कर ली है।
यह परीक्षण नौ सितंबर, 2026 को तमिलनाडु के महेंद्रगिरि स्थित इसरो प्रोपल्शन कॉम्प्लेक्स (आईपीआरसी) में मेन इंजन और स्टेज टेस्ट फैसिलिटी (एमईटी) में किया गया। हर मिशन के लिए क्रायोजेनिक इंजन को उड़ान के लिए मंज़ूरी मिलने से पहले ‘हॉट टेस्ट’ से गुज़रना पड़ता है।
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ज़्यादा ऊंचाई पर काम करने के लिए डिज़ाइन किए गए नोज़ल वाले इस उपरी चरण के इंजन की ‘हॉट टेस्टिंग’ समुद्र-स्तरीय परिस्थितियों में करने के लिए, एक ‘नोज़ल प्रोटेक्शन सिस्टम’ विकसित किया गया था और कई क्वालिफ़िकेशन परीक्षणों के माध्यम से उसे पहले ही प्रमाणित किया जा चुका था। एलवीएम3 प्रक्षेपण यान की पेलोड क्षमता बढ़ाने के लिए, एलवीएम3 के भविष्य के मिशनों की योजना सीई20 इंजन के लिए 22टी के उन्नत थ्रस्ट स्तर पर संचालित होने वाले सी32 चरण के साथ बनाई गई है।
इसे ध्यान में रखते हुए, उड़ान स्वीकृति परीक्षण 22टी थ्रस्ट स्तर पर आयोजित किया गया। सीई20 इंजन का प्रदर्शन सभी परीक्षणों पर खरा उतरा, जिससे इंजन प्रणाली के संतोषजनक प्रदर्शन की पुष्टि हुई। इस परीक्षण में, गगनयान के सी32 चरण के लिए बने एलओएक्स टैंक प्रेशराइजेशन मॉड्यूल (एलटीपीएम) का भी सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया गया। 2026 की चौथी तिमाही में निर्धारित एलवीएम3 एम7 मिशन के लिए इंजन का नवीकरण किया जाएगा और सी32 फ़्लाइट स्टेज में असेंबल किया जाएगा।
Pic Credit : ANI
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