भारत की मेजबानी में यहां शनिवार से शुरू होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए सदस्य देशों के नेताओं के आगमन का सिलसिला जारी है और शुक्रवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा, ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो विएरा, युगांडा की उपराष्ट्रपति जेसिका अलुपो, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेस और एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (एआईआईबी) के अध्यक्ष जू जियायी यहां पहुंच गये।
दो दिन के इस सम्मेलन में हिस्सा लेने वाले सभी नेताओं का हवाई अड्डे पर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। सम्मेलन की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करेंगे। सम्मेलन का विषय “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास के लिए निर्माण” है। भारत चौथी बार ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है और यह सम्मेलन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस वर्ष यह समूह अपनी स्थापना के 20 वर्ष भी पूरे कर रहा है। सम्मेलन में ब्रिक्स के 11 सदस्य देश ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और इंडोनेशिया के शीर्ष नेता तथा राष्ट्राध्यक्ष शामिल हो रहे हैं। यह श्री पेजेशकियन की पहली भारत यात्रा है और शाम को उनका प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता का कार्यक्रम है।
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पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर इस वार्ता को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत और ब्राजील के बीच लंबे समय से दोस्ती और ग्लोबल साउथ में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता है जबकि भारत और रूस के रिश्ते विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी पर आधारित हैं। भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच भी रणनीतिक साझेदारी पर आधारित पुराने और मजबूत संबंध हैं। उरुग्वे के विदेश मंत्री मारियो लुबेत्किन शिखर सम्मेलन में लैटिन अमेरिकी और कैरेबियाई देशों के समुदाय का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
भारत और यह समुदाय व्यापार, तकनीक साझा करने और ग्लोबल साउथ में साझेदारी मजबूत करने के लिए साथ काम कर रहे हैं। भारत और युगांडा के बीच साझा इतिहास और बढ़ती साझेदारी पर आधारित दोस्ताना संबंध हैं। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेस की यात्रा ब्रिक्स देशों की बहुपक्षवाद और शांति, विकास तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए रचनात्मक संवाद की साझा प्रतिबद्धता को मजबूत करती है।
एआईआईबी अध्यक्ष जू जियायी की यात्रा से सतत विकास और उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए अवसर बढ़ाने वाली साझेदारी मजबूत होगी।
Pic Credit : ANI
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