मुंबई। शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत (Sanjay Raut) ने सत्तारूढ़ शिवसेना को फर्जी और ‘चोर मंडली (Chore Mandali)’ (चोरों का गिरोह) करार दिया। उनके इस बयान को लेकर बुधवार को महाराष्ट्र विधानसभा (Maharashtra Legislative Assembly) में एक नया विवाद खड़ा हो गया। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक आशीष शेलार (Ashish Shelar) ने राउत की आलोचना की और उनके बयान को महाराष्ट्र (Maharashtra) के साथ ‘विश्वासघात (Betrayal)’ करार दिया। दोनों पक्षों के भारी हंगामे के बीच बुधवार सुबह करीब 10 मिनट के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।
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वर्तमान में ‘शिवगर्जना (Shivgarjana)’ और ‘शिवसंवाद (Shivsamvad)’ पहल के लिए कोल्हापुर के दौरे पर आए राउत ने यह कहते हुए प्रतिद्वंद्वी गुट पर निशाना साधा कि विधायिका में एक नकली शिवसेना है, यह चोरों का गिरोह है। संजय राउत ने संसद (Parliament) में पार्टी नेता के पद से हटाए जाने पर कहा कि भले ही उन्हें किसी पद से हटा दिया जाए, वे पार्टी नहीं छोड़ेंगे, क्योंकि स्वर्गीय बालासाहेब ठाकरे ने उन्हें ऐसे कई पद दिए और पार्टी सर्वोच्च है। शिवसेना (UBT) सांसद ने यह भी बताया कि कैसे उनकी पार्टी ने मंगलवार को धाराशिव (Osmanabad) में ‘शिवगर्जन’ की शानदार सफलता हासिल की, और अब इसे पूरे महाराष्ट्र में दोहराया जाएगा क्योंकि पार्टी मजबूत हो रही है। अतीत में, जून 2022 में शिवसेना (UBT) के नेताओं ने पार्टी के विभाजन के बाद ‘गद्दार’, ’50 खोखे’, ‘बाप-चोर’ आदि जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया है। पिछले महीने, भारत के चुनाव आयोग (ECI) ने शिंदे गुट को ‘शिवसेना’ नाम और ‘धनुष-तीर’ चुनाव चिन्ह देकर ‘असली’ के रूप में मान्यता दी, जिसे सेना (यूबीटी) ने अन्य संबंधित मुद्दों के साथ सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। (आईएएनएस)
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