चंडीगढ़। पेरिस ओलम्पिक के फाइनल मुकाबले में तकनीकी आधार पर अयोग्य ठहराई गईं पहलवान विनेश फोगाट शनिवार, 31 अगस्त को पंजाब के शम्भू बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन में पहुंचीं। किसान नेताओं ने मंच पर उनको सम्मानित किया। शम्भू बॉर्डर पर किसानों के आंदोलन को दो सौ दिन पूरे हो गए हैं। इस मौके पर वहां एक कार्यक्रम रखा गया था। गौरतलब है कि किसान दिल्ली कूच करना चाहते हैं लेकिन हरियाणा सरकार ने शम्भू बॉर्डर को सील कर रखा है।
इस मौके पर विनेश फोगाट ने कहा- आज किसानों को यहां बैठे दो सौ दिन हो गए, लेकिन जोश पहले दिन जैसा ही है। आपकी बेटी आपके साथ है। मैं सरकार को कहती हूं कि देश के लोग हक की आवाज उठाते हैं तो हर बार यह पॉलिटिकल नहीं होता। इसे किसी धर्म से नहीं जोड़ना चाहिए। विनेश ने आगे कहा- मैं सरकार से आग्रह करती हूं कि उन्हें सुनना चाहिए। उन्होंने पिछली बार अपनी गलती स्वीकार की थी। उन्हें अपने वादे पूरे करने चाहिए। इसे हल करना सरकार की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। कांग्रेस की टिकट से चुनाव लड़ने के सवाल को यह कहते हुए टाल दिया कि उनको राजनीति का ज्यादा ज्ञान नहीं है।
इस बीच किसानों ने शनिवार को ऐलान किया कि लखीमपुर खीरी में किसानों को गाड़ी से कुचले जाने के खिलाफ तीन अक्टूबर को दो घंटे के लिए किसान पूरे देश में रेल रोकेंगे। गौरतलब है कि लखीमपुर खीरी में तत्कालीन केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे की गाड़ी से कुचल कर कई किसानों की मौत हो गई है। बहरहाल, किसानों ने बताया कि हरियाणा की विधानसभा चुनावों को लेकर जल्दी ही वे फैसला करने वाले हैं।
किसानों का आरोप है कि मोर्चे पर पंजाब सरकार सुविधाएं उपलब्ध नहीं करवा रही, जिसके चलते 14 सितंबर को राजपुरा का गगन चौक जाम किया जाएगा। किसानों ने अगले कुछ दिन में आंदोलन को तेज करने का ऐलान भी किया। इसके लिए एक सितंबर को यूपी के संभल में, 15 सितंबर को जींद के उचाना में और 22 सितंबर को कुरुक्षेत्र के पीपली में किसान महापंचायतों का आयोजन किया जाएगा।
Leave a comment
You must be logged in to post a comment.




