जयपुर। राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा है कि भारत विविधता में एकता की भूमि है और भिन्न-भिन्न संस्कृतियों के बाद भी हम सभी मन से एक हैं। उन्होंने कहा कि एक भारत श्रेष्ठ भारत (Ek Bharat Shrestha Bharat) की भावना को आत्मसात करते सभी देशवासियों को समरस समाज के निर्माण के लिए कार्य करना चाहिए।
राज्यपाल श्री मिश्र सोमवार को राजभवन में महाराष्ट्र एवं गुजरात राज्यों के स्थापना दिवस समारोह (Gujarat state foundation day) में सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने महाराष्ट्र और गुजरात के लोगों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दोनों राज्यों का गौरवमयी इतिहास है और इनकी समृद्ध संस्कृति एवं जीवन्त परंपराएं हमारे राष्ट्र का अभिन्न हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि गुजरात कर्मठ लोगों की भूमि है। इसी प्रकार, महाराष्ट्र अध्यात्म, दर्शन और संत परंपरा का प्रमुख राज्य है। आजादी आंदोलन में भी इन राज्यों के निवासियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। ये राज्य उद्यमिता और अर्थव्यवस्था में भी अग्रणी रहकर योगदान कर रहे हैं।
राज्यपाल श्री मिश्र ने कार्यक्रम में उपस्थित महाराष्ट्र एवं गुजराती मूल के लोगों से परिचय प्राप्त कर उनसे संवाद किया। राज्यपाल ने श्रमिक दिवस के अवसर पर देश और प्रदेश वासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं भी दी।
इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव श्री सुबीर कुमार, प्रमुख विशेषाधिकारी श्री गोविन्दराम जायसवाल, श्रम विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री विकास सीताराम भाले, रीको के प्रबंध निदेशक श्री शिवप्रसाद नकाते, राजस्थान केन्द्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति श्री आनन्द भालेराव, राजस्थान में महाराष्ट्र मंडल के प्रमुख श्री संजय कार्णिक सहित महाराष्ट्र एवं गुजरात समाज से जुड़े प्रतिष्ठित जन उपस्थित रहे।
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