राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के बिना प्रधानाचार्य की अनुमति के बाहरी व्यक्ति के स्कूल में प्रवेश नहीं करने को लेकर जारी आदेश को वापस लेने की मांग की है।
श्री गहलोत ने सोमवार को अपने बयान में प्रदेश में सरकारी स्कूलों की हालत खराब होने का आरोप लगाते हुए कहा कि जो सरकार अपने ही स्कूलों की हकीकत से डरकर, उनमें सुधार करने की बजाय पारदर्शिता न रखने के लिए दरवाजे बंद करा रही है, वह शिक्षा का भला कभी नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि भाजपा शासन में राजस्थान के सरकारी स्कूलों की दुर्गति किसी से छुपी नहीं है। राजकीय विद्यालयों में टूटी छतें, टपकती कक्षाएं और शिक्षकों के हजारों रिक्त पद इस सरकार की हकीकत हैं।
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उन्होंने कहा कि समाधान इन कमियों को दूर करना था लेकिन भाजपा सरकार ने नया फरमान जारी कर दिया। अब बिना प्रधानाचार्य की अनुमति के कोई बाहरी व्यक्ति स्कूल में प्रवेश नहीं कर सकेगा, न फोटो खींच सकेगा, न वीडियो बना सकेगा, न मीडिया रिपोर्टिंग हो सकेगी।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार तुरंत यह आदेश वापस ले और पारदर्शिता से भागना बंद करे। अगर यह तानाशाही आदेश वापस नहीं लिया तो आने वाले दिनों में जनता स्वयं आगे आकर स्कूलों की सच्चाई दिखाने वाला अभियान चलाकर इस आदेश की धज्जियां उड़ा देगी।
Pic Credit : ANI
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