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तिरुचिरापल्ली में डीएमके का राज्य सम्मेलन 9 मार्च को

डीएमके की ओर से 9 मार्च को सिरुगानूर में अपना 12वां राज्य सम्मेलन आयोजित करने की तैयारी कर रही है। पार्टी नेताओं का मानना है कि यह कार्यक्रम आगामी विधानसभा चुनाव से पहले कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने और संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। 

डीएमके के 12वें राज्य सम्मेलन की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। सिरुगानूर के पास लगभग 20 लाख वर्ग फुट में फैले विशाल परिसर में सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है, जहां तक जाने वाली सड़कों को पार्टी के झंडों, बैनरों से सजाया गया है।

बड़े पैमाने पर चल रही तैयारियों से स्पष्ट है कि सत्तारूढ़ पार्टी इस सम्मेलन को कितना महत्व दे रही है। उम्मीद है कि इसमें पूरे तमिलनाडु से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल होंगे।

पुलिस के अनुसार, भीड़ और यातायात को संभालने के लिए व्यापक व्यवस्था की गई है। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक सम्मेलन के दिन 24,000 वाहन स्थल पर पहुंच सकते हैं। इसलिए तिरुचिरापल्ली और आसपास के इलाकों में विशेष ट्रैफिक डायवर्जन योजना बनाई गई है, ताकि जाम से बचा जा सके और वाहनों की आवाजाही सुचारु रहे।

डीएमके के प्रमुख सचिव व वरिष्ठ मंत्री केएन नेहरू ने शनिवार को पत्रकारों से कहा कि पार्टी को उम्मीद है कि 9 मार्च को 10 लाख कार्यकर्ता और समर्थक इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।

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उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन पार्टी की एकता को मजबूत करने और आने वाली राजनीतिक चुनौतियों के लिए कार्यकर्ताओं को संगठित करने का बड़ा मंच बनेगा।

उन्होंने 2021 में इसी स्थान पर हुए पिछले सम्मेलन का जिक्र करते हुए कहा कि उस कार्यक्रम ने विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी कार्यकर्ताओं को उत्साहित करने में अहम भूमिका निभाई थी। उस सम्मेलन में डीएमके अध्यक्ष और वर्तमान मुख्यमंत्री स्टालिन जो उस समय मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार थे, ने तमिलनाडु के विकास के लिए दीर्घकालिक दृष्टि पेश की थी।

पार्टी नेताओं का मानना है कि 9 मार्च के सम्मेलन में भी मुख्यमंत्री कुछ बड़े ऐलान या नीतिगत दिशा दे सकते हैं, जिससे यह कार्यक्रम राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बन गया है।

यह सम्मेलन मध्य तमिलनाडु और कावेरी डेल्टा क्षेत्र में पार्टी की पकड़ को और मजबूत करने में भी मदद करेगा। ये क्षेत्र 2021 के विधानसभा चुनाव में डीएमके की जीत में बेहद अहम साबित हुए थे। पार्टी ने यहां की 41 में से 37 सीटें जीती थीं, जिनमें तिरुचिरापल्ली जिले की सभी नौ सीटें शामिल थीं।

पार्टी की वरिष्ठ कार्यकर्ता और तीन बार पार्षद रह चुकी टी दुर्गादेवी ने कहा कि तिरुची में आयोजित डीएमके के सम्मेलनों में परंपरागत रूप से भारी भीड़ जुटती रही है। 

उन्होंने कहा कि करुणानिधि के दौर से लेकर आज स्टालिन के नेतृत्व तक तिरुची के सम्मेलन में हमेशा बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को आकर्षित करते रहे हैं। पहले इन सम्मेलनों का आयोजन दो दिन तक होता था और पूरे राज्य से समर्थक यहां पहुंचते थे।

Pic Credit : ANI

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By Naya India

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