लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बहराइच में दुर्गापूजा के बाद प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुई हिंसा और राम गोपाल मिश्र की हत्या के मामले के पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इनमें से दो आरोपियों को मुठभेड़ के बाद पकड़ा गया। आरोपी नेपाल भागने की कोशिश कर रहे थे इस दौरान पुलिस से मुठभेड़ हुई, जिसमें हत्या के आरोपी रिंकू उर्फ सरफराज खान और मोहम्मद तालीम बुरी तरह घायल हो गए। दोनों के पैर में गोली लगी है।
पुलिस ने बताया कि आरोपी नेपाल भागने की फिराक में थे। दोनों का बहराइच मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। आरोपियों और पुलिस के बीच मुठभेड़ नेपाल सीमा से 20 किलोमीटर पहले नानपारा कोतवाली क्षेत्र में हांडा बसेहरी नहर के पास हुआ। एसटीएफ और बहराइच पुलिस सरफराज और तालीम को साथ लेकर एक दोनाली बंदूक और तमंचा बरामद कराने ले गई थी। एसपी वृंदा शुक्ला के मुताबिक, आरोपियों ने बंदूक और तमंचे में गोली भर कर रखी था। उन लोगों ने पुलिस पर फायर कर दिया। पुलिस ने पहले उन्हें सरेंडर करने के लिए कहा। बाद में जवाबी कार्रवाई में सरफराज और तालीम को गोली लगी।
पुलिस ने गुरुवार को ही सरफराज के भाई फहीम, पिता अब्दुल हमीद और मोहम्मद अफजल को भी पकड़ा था। गौरतलब है कि बहराइच से करीब 40 किलोमीटर दूर महराजगंज बाजार में रविवार, 13 अक्टूबर की शाम छह बजे दुर्गा प्रतिमा के विसर्जन का जुलूस निकाला जा रहा था। जुलूस में शामिल लोग डीजे बजा रहे थे। इसी दौरान कुछ युवकों ने डीजे बंद करने को कहा तो विवाद हो गया। थोड़ी देर में हिंसा भड़क गई। पथराव व आगजनी के साथ 20 राउंड से ज्यादा फायरिंग हुई। इसमें 22 साल के राम गोपाल मिश्रा की मौत हो गई। बाद में मिश्रा के परिजन और गांव के लोगों ने मेडिकल कॉलेज के सामने शव रखकर प्रदर्शन किया। इसके अगले दिन 14 अक्टूबर को भी दोपहर तक हिंसा होती रही। 50 से ज्यादा घरों और अस्पताल, शोरुम में आग लगा दी गई।
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Image Source: ANI

