Balasaheb Thorat Resign: नाना पटोले से नाराजगी के चलते कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बालासाहेब थोरात ने विधानसभा के सीएलपी पद से इस्तीफा दे दिया है। नासिक विधान परिषद चुनाव के बाद बालासाहेब थोरात और प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले के बीच अनबन देखी जा रही थी। बताया जा रहा है कि, बालासाहेब थोरात पार्टी के भीतर चल रही राजनीति से काफी परेशान थे। जिसके बाद उन्होंने ये बड़ा कदम उठाया है। इस स्थिति को देखते हुए लग रहा है कि कांग्रेस की अब मुश्किलें बढ़ने वाली हैं।
मल्लिकार्जुन खरगे को पत्र लिखकर जताई थी नाराजगी
जानाकरी के अनुसार, सोमवार को बालासाहेब थोरात ने नाना पटोले को लेकर कांग्रेस हाईकमान को पत्र लिखकर भी अपनी नाराजगी पेश की थी। जिसमें उन्होंने कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्षए मल्लिकार्जुन खरगे से कहा था कि वह नाना पटोले के साथ काम नहीं कर सकते हैं।
नाना पटोले ने जानकारी होने से किया इनकार
वहीं दूसरी ओर, नाना पटोले ने थोरात के पत्र पर जवाब देने से ही इनकार कर दिया है। थोरात के इस्तीफे पर प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा है कि उन्हें इस्तीफे की कोई जानकारी नहीं है और अभी तक उनके पास कोई पत्र नहीं पहुंचा है।
थोरात बोले- मैं पैदायशी कांग्रेसी हूं….
बालासाहेब थोरात ने आगे लिखा कि, मैं इससे दुखी और परेशान हूं… मेरे परिवार के सदस्यों की कड़ी आलोचना हुई, जिसकी कभी उम्मीद भी नहीं थी। पूरी चुनावी प्रक्रिया के दौरान, मेरे बारे में भ्रम और गलतफहमी पैदा करने का प्रयास किया गया। मैं पैदायशी कांग्रेसी हूं और जीवन भर कांग्रेसी रहूंगा।
ऐसी परिस्थितियों के लिए पटोले जिम्मेदार
अपने पत्र में थोराट ने लिखा कि – नाना पटोले मुझसे गुस्सा हैं, ऐसी परिस्थितियों में उनके साथ काम करना संभव नहीं है। नासिक में महत्वपूर्ण चुनावों के दौरान भ्रम और गलतफहमी के लिए अकेले पटोले जिम्मेदार हैं।
नाना पटोले ने क्या कहा?
Balasaheb Thorat Resign: महाराष्ट्र कांग्रेस में चल रही इतनी बड़ी उथल-पुथल को लेकर नाना पटोले ने कहा कि, मुझे पत्र की जानकारी नहीं है। मुझे नहीं लगता कि थोरात पार्टी नेतृत्व को ऐसा कोई पत्र लिखेंगे। वह हमारे नेता हैं, वह कांग्रेस विधायक दल के नेता हैं।
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