तोक्यो। जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा (Fumio Kishida) यूक्रेन (Ukraine) के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की (Volodymyr Zelensky) से बातचीत के लिए मंगलवार को सुबह कीव के लिए रवाना हो गए। किशिदा की यह यात्रा ऐसे वक्त हो रही है जब चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग पड़ोसी देश रूस की तीन दिवसीय यात्रा पर हैं।
किशिदा यूक्रेन की राजधानी में राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से मुलाकात करेंगे। जापान (Japan) के विदेश मंत्रालय ने किशिदा की कीव यात्रा की घोषणा करते हुए कहा, किशिदा राष्ट्रपति जेलेंस्की के नेतृत्व में अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए डटे यूक्रेन के लोगों के साहस और उनके धैर्य के प्रति सम्मान व्यक्त करेंगे तथा जापान के प्रमुख एवं जी-7 के अध्यक्ष के तौर पर देश के लोगों के साथ एकजुटता तथा समर्थन जताएंगे।
मंत्रालय ने एक बयान में कहा, जेलेंस्की के साथ बातचीत के दौरान किशिदा यूक्रेन पर आक्रमण और सुरक्षा बल के जरिए यथास्थिति में बदलाव के रूस के एकतरफा प्रयास को पूरी तरह से खारिज करेंगे और नियमों पर आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की रक्षा के लिए अपनी प्रतिबद्धता को दोहराएंगे।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने क्रेमलिन की यात्रा पर चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग का गर्मजोशी से स्वागत किया। दोनों देशों ने इसे अपनी ‘‘सीमा से परे दोस्ती’’ को गहरा करने का अवसर बताया।
जापान के सरकारी टेलीविजन चैनल ‘एनएचके’ द्वारा प्रसारित तस्वीरों में किशिदा पोलैंड से एक ट्रेन में बैठकर कीव के लिए रवाना होते दिख रहे हैं। नयी दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात के कुछ घंटे बाद किशिदा की यूक्रेन की यह अचानक यात्रा हो रही है।
नयी दिल्ली में किशिदा ने विकासशील और वैश्विक दक्षिण (ग्लोबल साउथ) देशों से नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की रक्षा के लिए अपनी आवाज उठाने और यूक्रेन में रूस के युद्ध को रोकने में मदद करने का आह्वान किया।
जापान का चीन और रूस दोनों के साथ द्वीपों को लेकर विवाद है। जापान विशेष रूप से चीन और रूस के बीच घनिष्ठ संबंधों को लेकर चिंतित है, जिन्होंने जापान के तटों के पास संयुक्त सैन्य अभ्यास किया है। किशिदा मई में होने वाले सात देशों के समूह जी-7 के सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे। वह जी-7 के एकमात्र नेता हैं जिन्होंने यूक्रेन की यात्रा नहीं की थी और ऐसा करने को लेकर अपने देश में उन पर दबाव था।
मॉस्को द्वारा यूक्रेन पर आक्रमण करने के बाद रूस पर प्रतिबंध लगाने और यूक्रेन का समर्थन करने में जापान अन्य जी-7 देशों के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रहा है। ऐसी संभावना है कि किशिदा, जेलेंस्की के साथ मुलाकात के दौरान यूक्रेन के लिए निरंतर समर्थन की पेशकश करेंगे। (एपी)
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