नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने बुधवार को बताया कि दिल्ली आबाकारी नीति (Excise policy) के कथित घोटाले की जांच के सिलसिले में दिल्ली और मुंबई में मकान, रेस्तरां, 50 वाहनों और बैंक में जमा राशि सहित 76.54 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क (property attached) की गई है।
धन शोधन निवारण अधिनियम (Prevention of Money Laundering Act) (पीएमएलए-PMLA) के तहत संपत्तियों की अस्थायी कुर्की का आदेश जारी किया गया था। ईडी दिल्ली सरकार की अब रद्द की जा चुकी शराब नीति में कथित अनियमितताओं की जांच कर रहा है। यह मामला केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दर्ज प्राथमिकी के बाद सामने आया था। सीबीआई और ईडी ने अपनी शिकायतों में दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और सरकार के अन्य आबकारी अधिकारियों को आरोपी बनाया है।
सीबीआई ने अपनी प्राथमिकी में आरोप लगाया है कि सिसोदिया और अन्य आरोपी लोक सेवकों ने ‘‘ लाइसेंसधारियों को निविदा जारी होने के बाद अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए’’ सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बिना दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 से संबंधित निर्णय किए।
ईडी ने अभी तक इस मामले में दो आरोपपत्र या अभियोजन पक्ष की शिकायतें दायर की हैं और कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया है। एजेंसी ने एक बयान में बताया कि कुर्क की गई संपत्तियां आम आदमी पार्टी (आप) के संचार प्रभारी विजय नायर, शराब कारोबारी समीर महंदरू, उनकी पत्नी और कंपनी इंडोस्पिरिट ग्रुप, कारोबारी दिनेश अरोड़ा, अरुण पिल्लई, शराब कंपनी बडी रिटेल प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अमित अरोड़ा और अन्य की है। (भाषा)
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