नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) ने मंगलवार को प्रख्यात समाजसेवी और भारत में महिला शिक्षा (education) की प्रबल समर्थक रहीं सावित्रीबाई फुले (Savitribai Phule) को उनकी जयंती (birth anniversary) पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
मोदी ने एक ट्वीट में कहा, “मैं प्रेरक सावित्रीबाई फुले जी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। वह हमारी नारी शक्ति की अदम्य भावना को दर्शाती हैं। उनका जीवन महिलाओं को शिक्षित और सशक्त बनाने के लिए समर्पित था। सामाजिक सुधार और सामुदायिक सेवा पर उनका ध्यान भी उतना ही प्रेरणादायक है।”
महात्मा फुले ने देश में पहले बालिका विद्यालय की शुरुआत की थी और सावित्रीबाई उसकी पहली महिला शिक्षिका थीं। प्रधानमंत्री ने स्वाधीनता आंदोलन में अंग्रेजों से लोहा लेने वाली, तमिलनाडु के शिवगंगा रियासत की रानी वेलू नचियार की जयंती पर उन्हें भी श्रद्धांजलि दी और कहा कि उनका अदम्य साहस आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने कहा, साहसी रानी वेलु नचियार को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि। वह अपने लोगों के लिए न्याय सुनिश्चित करने में सबसे आगे थीं। उन्होंने उपनिवेशवाद का जमकर विरोध किया और समाज के कल्याण के लिए काम किया। उनकी बहादुरी आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।
रानी वेलु नचियार शिवगंगा की रानी थीं और वह ईस्ट इंडिया कंपनी के साथ युद्ध छेड़ने वाले पहले भारतीय शासकों में से एक थीं। वीरमंगई, वीर महिला कहलाने वाली, रानी वेलु नचियार रामनाथपुरम की राजकुमारी थीं। (भाषा)
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