राज्य-शहर ई पेपर व्यूज़- विचार

सर्वाइकल कैंसर से लड़ाई में बेहद जरूरी एचपीवी वैक्सीन

कैंसर एक ऐसा शब्द है, जिसका अंदेशा भी डर पैदा करने के लिए काफी है। आज की अनियमित जीवनशैली में यह आम बीमारी भी बन चुका है। हालांकि, इससे बचाव का तरीका भी है। हेल्थ एक्सपर्ट सर्वाइकल कैंसर के प्रति आगाह करते हुए एचपीवी (ह्यूमन पैपीलोमा वायरस) वैक्सीन के महत्व के बारे में जानकारी देते हैं। साथ ही बताते हैं कि यह क्यों जरूरी है। 

नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) सर्वाइकल कैंसर से लड़ने के लिए एचपीवी वैक्सीन को बढ़ावा देने की अपील की है। उत्तर प्रदेश में नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के महाप्रबंधक डॉ. मनोज कुमार शुक्ला ने बताया कि यह वैक्सीन किशोरियों को जीवनभर के लिए इस खतरनाक बीमारी से सुरक्षा प्रदान करती है।

उन्होंने बताया चेचक और पोलियो का खात्मा करने के बाद अब हम गर्भाशय मुख के कैंसर से लड़ने के लिए तैयार हैं।” प्रधानमंत्री के निर्देशन में एचपीवी वैक्सीन को नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल किया गया है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि अपनी 14 वर्ष की बेटियों को यह टीका अवश्य लगवाएं।

Also Read : असम विधानसभा में यूसीसी विधेयक पास, 6 महीने में लागू होगा कानून

हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर के खतरे से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह टीका किशोरियों की स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक प्रभावी कदम है।” उन्होंने कहा कि यह वैक्सीन पूरे उत्तर प्रदेश में हर जगह उपलब्ध है।

अब सवाल है कि यह वैक्सीन कैसे लगवाएं? तो एक्सपर्ट बताते हैं कि अपने नजदीकी आशा बहन, एएनएम दीदी या स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करके अपनी 14 साल की बेटी का एचपीवी टीकाकरण करवा सकते हैं। देर करने से यह खतरनाक हो सकता है यह बेटियों के लिए सुरक्षा कवच की तरह है।

सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाले कैंसर में प्रमुख कारणों में से एक है। ऐसे में एचपीवी वैक्सीन नामक वायरस से यह बीमारी होती है। वैक्सीनेसन से इस वायरस के संक्रमण को रोका जा सकता है, जिससे भविष्य में कैंसर का खतरा काफी कम हो जाता है। 14 वर्ष की उम्र इस टीके के लिए सबसे उपयुक्त मानी जाती है।

डॉक्टर्स का कहना है कि यह टीका लगवाने से बेटियां जीवनपर्यंत सर्वाइकल कैंसर से निजात पा सकती हैं। यह न सिर्फ लड़कियों के स्वास्थ्य की रक्षा करता है बल्कि परिवार और समाज को भी स्वस्थ रखने में मददगार साबित होता है।

Pic Credit : ANI

By Naya India

Naya India, A Hindi newspaper in India, was first printed on 16th May 2010. The beginning was independent – and produly continues to be- with no allegiance to any political party or corporate house. Started by Hari Shankar Vyas, a pioneering Journalist with more that 30 years experience, NAYA INDIA abides to the core principle of free and nonpartisan Journalism.

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

18 − 16 =