विश्व योग दिवस को कुछ ही दिन रह गए हैं। ऐसे में भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने दिल की सेहत को लेकर महत्वपूर्ण सलाह दी है। मंत्रालय के अनुसार, व्यस्त जीवनशैली में लोग अपनी उपलब्धियों और कमाई पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन दिल की देखभाल करना अक्सर भूल जाते हैं। जबकि दिल ही हमारी जिंदगी की हर धड़कन को संजोकर रखता है।
हेल्थ एक्सपर्ट का कहना है कि ज्यादा पाने, ज्यादा कमाने और ज्यादा करने की भागदौड़ में हम उस अंग को नजरअंदाज कर देते हैं जो बिना थके दिन-रात काम करता रहता है। स्वस्थ दिल लंबी और खुशहाल जिंदगी की नींव है। मंत्रालय ने योगासन, ध्यान और प्राणायाम को दिल की सेहत के लिए बेहद जरूरी बताया है।
योग और ध्यान से मन शांत रहता है, तनाव कम होता है और भावनात्मक स्वास्थ्य भी बेहतर होता है। नियमित योगाभ्यास से ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है, कोलेस्ट्रॉल लेवल संतुलित होता है और हृदय की मांसपेशियां मजबूत बनती हैं। आसन जैसे भुजंगासन, शवासन, अनुलोम-विलोम प्राणायाम और सूर्य नमस्कार दिल की सेहत सुधारने में खास भूमिका निभाते हैं। ये आसन रक्त संचार को बेहतर बनाते हैं और हृदय को स्वस्थ रखते हैं।
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भुजंगासन: –पेट के बल लेटकर शरीर के ऊपरी हिस्से को ऊपर उठाया जाता है। यह रीढ़ को मजबूत बनाता है और पीठ दर्द में लाभकारी माना जाता है।
शवासन:- पीठ के बल पूरी तरह आराम की मुद्रा में लेटना। यह मानसिक तनाव कम करने और शरीर को विश्राम देने में मदद करता है।
अनुलोम-विलोम प्राणायाम: – एक नासिका से श्वास लेकर दूसरी से छोड़ने की श्वास प्रक्रिया। यह फेफड़ों की क्षमता बढ़ाने और मन को शांत रखने में सहायक है।
सूर्य नमस्कार: – 12 योग मुद्राओं का क्रमबद्ध अभ्यास। यह पूरे शरीर का व्यायाम है, जिससे लचीलापन, शक्ति और ऊर्जा बढ़ती है।
एक्सपर्ट्स के अनुसार, व्यस्त दिनचर्या में कुछ समय निकालकर योग और ध्यान करने से न सिर्फ दिल स्वस्थ रहता है बल्कि बुढ़ापे में भी सक्रिय और स्वस्थ जीवन जीने में मदद मिलती है। इसके लिए रोजाना सुबह 30 से 45 मिनट योगासन का अभ्यास अवश्य करें। हार्ट के लिए गहरी सांस लेने वाले व्यायाम अपनाएं। तनावपूर्ण विचारों से दूर रहें। संतुलित भोजन और पर्याप्त नींद लें।
Pic Credit : ANI
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