पित्त प्रकृति वाले लोग अक्सर अपने शरीर में गर्मी ज्यादा महसूस करते हैं, जल्दी गुस्सा हो जाते हैं और पसीना भी जल्दी आ जाता है। इसलिए इनके लिए सही खानपान और लाइफस्टाइल को फॉलो करना बहुत जरूरी होता है।
सबसे पहले अनाज की बात करें तो जौ, चावल और गेहूं जैसे हल्के और पोषक अनाज उनके लिए अच्छे होते हैं। ये शरीर को ताकत भी देते हैं और गर्मी कम करने में मदद करते हैं। वहीं उड़द दाल, कुलथी जैसी भारी या गर्मी पैदा करने वाली दालों से दूर रहना चाहिए।
फल खाने में पित्त प्रकृति वाले लोगों को मीठे और हल्के फलों पर ध्यान देना चाहिए। सेब, नाशपाती, अंजीर, किशमिश और आंवला अच्छे विकल्प हैं। ये ठंडक देते हैं और शरीर को राहत पहुंचाते हैं। करौंदा और ज्यादा तीखे या खट्टे फलों से बचना चाहिए, लेकिन अनार और आंवला थोड़ी मात्रा में खा सकते हैं।
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सब्जियों में मीठे और कड़वे स्वाद वाली सब्जियां पित्त को संतुलित करती हैं। खीरा, करेला, मटर, परवल और शतावरी जैसी सब्जियां खाने से शरीर ठंडा रहता है। दूसरी ओर बैंगन, प्याज, लहसुन, गाजर और पालक जैसी गर्मी पैदा करने वाली या तीखी सब्जियों का सेवन कम करना चाहिए।
मसालों का भी असर पित्त पर पड़ता है। हल्दी, सौंफ, धनिया, केसर और इलायची जैसी हल्की और ठंडक देने वाली चीजें फायदेमंद हैं। वहीं हींग, काली मिर्च और ज्यादा तीखे मसाले पित्त को बढ़ा सकते हैं।
डेयरी प्रोडक्ट्स पित्त प्रकृति वालों के लिए बहुत अच्छे हैं। दूध, घी और छाछ ठंडक देते हैं और शरीर को संतुलित रखते हैं। वहीं मांस, खासकर पानी में रहने वाले जीवों का खाना पित्त को बढ़ा सकता है, इसलिए उससे बचना चाहिए। प्राकृतिक मिठास वाली चीजें जैसे गन्ना और कुछ सूखी जड़ी-बूटियां शरीर को संतुलन में रखने में मदद करती हैं।
इसके अलावा जीवनशैली में भी बदलाव करना जरूरी है। पित्त प्रकृति वाले लोग ज्यादा धूप में नहीं रहना चाहिए। खुले पानी के पास समय बिताना, संगीत सुनना और घर में फाउंटेन या पानी की आवाज वाली चीजें रखना आरामदायक होता है। इससे मन शांत रहता है और शरीर की गर्मी भी कम होती है।
Pic Credit : ANI
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