नई दिल्ली। अहमदाबाद विमान हादसे के बाद बोइंग के तमाम ड्रीमलाइनर विमानों की कई दिन तक जांच हुई थी। पता नहीं किन किन चीजों की जांच हुई लेकिन उसके बाद कहा गया कि सब कुछ ठीक है और विमानों ने उड़ान भरनी शुरू कर दी। अब एक बार फिर बोइंग के सभी विमानों की जांच होगी। इस बार खासतौर से उनके फ्यूल कंट्रोल स्विच की जांच की जाएगी क्योंकि अहमदाबाद विमान हादसे में एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो यानी एएआईबी ने अपनी जांच रिपोर्ट में कहा है कि विमान का फ्यूल कंट्रोल स्विच बंद था इसलिए दोनों इंजन बंद हो गए और विमान क्रैश हो गया।
इस जांच रिपोर्ट के बाद नागरिक विमानन महानिदेशालय यानी डीजीसीए ने कहा है कि भारत में रजिस्टर्ड सभी बोइंग विमानों के फ्यूल कंट्रोल स्विच की जांच होगी। इस आदेश से यह स्पष्ट नहीं होता है कि 12 जून के हादसे के बाद जो जांच हुई थी उसमें फ्यूल कंट्रोल स्विच की जांच हुई थी या नहीं? बहरहाल, डीजीसीए ने कहा है कि बोइंग के सभी विमानों के फ्यूल कंट्रोल स्विच की जांच 21 जुलाई तक पूरी कर ली जाए। यह जांच बोइंग के विमानों का परिचालन करने वाली कंपनियां खुद ही करेंगी। डीजीसीए ने उनसे कहा है कि वे जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट सौंपें।
गौरतलब है कि एएआबी की रिपोर्ट में कहा गया है कि फ्यूल कंट्रोल स्विच बंद हो गया था, जिससे इंजनों को ईंधन मिलना बंद हो गया था। खबर है कि कई विदेशी विमानन कंपनियों ने अपने ड्रीमलाइनरों की जांच पहले ही शुरू कर दी हैं। इससे पहले, अमेरिका की सरकारी एजेंसी फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन यानी एफएए और बोइंग ने रविवार को कहा था, ‘फ्यूल कंट्रोल स्विच का डिजाइन, लॉकिंग फीचर्स, बोइंग के अलग अलग विमानों में एक जैसे ही है। फिर भी हम इसे खतरा नहीं मानते, जिसके लिए किसी भी बोइंग विमान मॉडल पर कोई दिशानिर्देश देने की जरूरत पड़े।
एएआईबी ने 15 पन्नों की अपनी रिपोर्ट में बताया है कि अहमदाबाद से लंदन के लिए उड़ान भरने के बाद दोनों इंजनों तक ईंधन पहुंचाने वाले स्विच बंद हो गए थे, इसलिए टेकऑफ के तुरंत बाद इंजन बंद हो गए और विमान को उड़ने की ताकत नहीं मिली। पायलट ने 10 सेकेंड बाद दोबारा इन्हें चालू किया, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। कॉकपिट की रिकॉर्डिंग से पता चला है कि एक पायलट ने दूसरे से पूछा था कि क्या उसने स्विच बंद किया है? हालांकि दूसरे ने इससे इनकार किया। रिपोर्ट में ये भी सामने आया है कि उड़ान से पहले फ्लाइट के एक सेंसर में समस्या थी जिसे ठीक किया गया।