नई दिल्ली। ब्रिक्स के 18वें सम्मेलन का रविवार को समापन हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सम्मेलन के दूसरे सत्र में अपने अध्यक्षीय भाषण में दुनिया के देशों को नसीहत दी। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मौजूदगी में उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी और दुर्लभ खनिजों को हथियार की तरह इस्तेमाल करना गलत है। मोदी ने कहा कि इससे दुनिया की तरक्की पर असर पड़ता है। मोदी ने कहा कि प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल में समावेशिता होनी चाहिए न कि किसी एक देश का एकाधिकार।
प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार की सुबह ब्रिक्स के नेता की ग्रुप फोटो सेशन के बाद ओपन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया भर में तनाव बढ़ रहा है और आज की आपस में जुड़ी दुनिया में एक जगह के तनाव का असर हर देश पर हो रहा है। उन्होंने कहा कि महामारी, जलवायु आपदाओं और सप्लाई चेन में रुकावटों ने दिखाया है कि दुनिया के देश एक दूसरे से जुड़े हैं। एक जगह आया संकट दूसरे देशों को भी प्रभावित कर सकता है।
मोदी ने ब्रिक्स देशों से आपसी सहयोग बढ़ाने और मजबूत सप्लाई चेन बनाने पर जोर दिया। इससे पहले भारत मंडपम में सदस्य देशों के नेताओं का ग्रुप फोटो सेशन हुआ। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी के दोनों ओर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन नजर आए। इसके बाद अपने भाषण में मोदी ने कहा, ‘ब्रिक्स अब अपने तीसरे दशक में प्रवेश करने जा रहा है। दुनिया को अब ब्रिक्स से सिर्फ विचार और वादे नहीं, बल्कि ठोस नतीजों की उम्मीद है। मुझे भरोसा है कि हम मिलकर इन उम्मीदों पर खरे उतरेंगे’।
ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान हुए फैसलों की जानकारी देते हुए मोदी ने कहा कि ‘ब्रिक्स कनेक्ट’ के जरिए लोगों को काम के लिए जरूरी स्किल सिखाने, रोजगार बढ़ाने और महिलाओं को ज्यादा काम के मौके देने पर काम किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि छोटे कारोबारों को मदद देने के लिए ‘ब्रिक्स एमएसएमई’ पोर्टल शुरू किया गया है। इससे छोटे कारोबारी नई जानकारी, पैसे और नए बाजार से जुड़ सकेंगे। उन्होंने बताया कि शहरों में आने जाने की व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए भी ब्रिक्स देशों के बीच अनुभव साझा किए जाएंगे। उन्होंने सप्लाई चेन को और बेहतर बनाने के बारे में हुए विचार के बारे में बताया
प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिक्स के अगले सम्मेलन की मेजबानी चीन को सौंपी और इसके लिए उसको शुभकामनाएं दीं। मोदी ने नई दिल्ली में हुए ब्रिक्स सम्मेलन को सफल बनाने के लिए सभी नेताओं और उनकी टीमों की सराहना की। अंत में उन्होंने सभी को सुरक्षित और सुखद यात्रा की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने समापन भाषण में कहा, ‘हम अब समापन की ओर बढ़ रहे हैं। 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन अपने समापन की ओर बढ़ रहा है, मैं आप सभी की सक्रिय भागीदारी और बहुमूल्य योगदान के लिए हृदय से आभार व्यक्त करता हूं’। मोदी ने आगे कहा, ‘सदस्य देशों की सक्रिय भागीदारी ने सम्मेलन को सार्थक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सम्मेलन के दौरान सामने आए महत्वपूर्ण विचारों और सुझावों ने ब्रिक्स के बीच सहयोग को व्यापकता और गहराई, दोनों प्रदान की हैं’।
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