बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अटकलों को समाप्त करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि वे राज्यसभा का सदस्य बनना चाहते हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि नई बिहार सरकार को उनका पूर्व सहयोग और मार्गदर्शन रहेगा।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “पिछले दो दशक से भी अधिक समय से आपने अपना विश्वास व समर्थन मेरे साथ लगातार बनाए रखा है, और उसी के बल पर हमने बिहार की और आप सब लोगों की पूरी निष्ठा से सेवा की है। आपके विश्वास और समर्थन की ही ताकत थी कि बिहार आज विकास और सम्मान का नया आयाम प्रस्तुत कर रहा है। इसके लिए पूर्व में भी मैंने आपके प्रति कई बार आभार व्यक्त किया है।
उन्होंने अपने पोस्ट में आगे लिखा संसदीय जीवन शुरू करने के समय से ही मेरे मन में एक इच्छा थी कि मैं बिहार विधान मंडल के दोनों सदनों के साथ संसद के भी दोनों सदनों का सदस्य बनूं। इसी क्रम में इस बार हो रहे चुनाव में राज्यसभा का सदस्य बनना चाह रहा हूं।
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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा मैं आपको पूरी ईमानदारी से विश्वास दिलाना चाहता हूं कि आपके साथ मेरा यह संबंध भविष्य में भी बना रहेगा व आपके साथ मिलकर एक विकसित बिहार बनाने का संकल्प पूर्ववत कायम रहेगा। जो नई सरकार बनेगी उसको मेरा पूरा सहयोग और मार्गदर्शन रहेगा।
गौरतलब है कि नीतीश कुमार पिछले लगभग 21 साल से बिहार के मुख्यमंत्री हैं। उन्होंने 2025 में 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। वे राज्य के सबसे लंबे समय तक रहने वाले मुख्यमंत्री भी हैं।
साल 1985 में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में वे पहली बार बिहार विधानसभा में पहुंचे थे और 1989 में पहली बार सांसद बने। नीतीश कुमार लगातार साल 1989 से लेकर 2004 तक बाढ़ निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा का चुनाव जीतते रहे। पहली बार मार्च 2000 में उन्होंने मुख्यमंत्री पद संभाला।
उस समय बहुमत न मिल पाने पर 7 दिन में सरकार गिर गई थी। साल 2001 से 2004 के बीच वे केंद्रीय कैबिनेट मंत्री रहे और रेल मंत्रालय संभाला। जीतन राम मांझी के छोटे से कार्यकाल (20 मई 2014 से 20 फरवरी 2015) को छोड़कर नीतीश कुमार 2005 से वे अब तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे हैं।
Pic Credit : ANI
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