नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी ने महिला आरक्षण के लिए बनाए गए नारी शक्ति वंदन कानून में बदलाव और परिसीमन के लिए संसद सत्र बुलाने को आचार संहिता का उल्लंघन बनाया है। कांग्रेस ने 16 अप्रैल से शुरू हो रहे तीन दिन के सत्र में य़ह बिल लाए जाने के मसले पर अपनी सर्वोच्च नीति निर्धारक बॉडी कांग्रेस कार्य समिति यानी सीडब्लुसी की बैठक बुलाई थी। शुक्रवार को हुई इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि सरकार महिला आरक्षण संशोधन और सीटें बढ़ाने की बिल ला रही है। इसके लिए चुनाव के बीच सत्र बुलाया जा रहा है, जो आचार संहिता का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान संसद सत्र बुलाना इसके दायरे में आता है।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसके साथ ही यह भी कहा कि महिला आरक्षण और परिसीमन के मुद्दे पर जल्दबाजी में बिल पास करने की कोशिश हो रही है। उन्होंने इस मुद्दे पर विपक्ष के साथ साझा रणनीति बनाने की जरुरत बताई। सीडब्लुसी की बैठक में खड़गे ने कहा, ‘अब तक सरकार की ओर से कोई औपचारिक प्रस्ताव नहीं मिला है। जानकारी सिर्फ प्रधानमंत्री के लेख के जरिए सामने आई है। लंबे समय तक चुप रहने के बाद अब अचानक इस मुद्दे पर सक्रियता दिखाई जा रही है’। बैठक में राहुल गांधी भी शामिल हुए।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार 16 से 18 अप्रैल तक संसद का सत्र बुला रही है। इस दौरान संविधान संशोधन बिल लाने की तैयारी है। सरकार महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने के साथ लोकसभा और विधानसभा सीटों में 50 फीसदी तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव ला सकती है। इसके तहत लोकसभा सीटें 543 से बढ़ाकर 816 की जा सकती हैं। सरकार 2029 के चुनाव से महिला आरक्षण लागू करना चाहती है। परिसीमन के जरिए सीटों की संख्या बढ़ाने के मामलेमें खड़गे ने कहा कि यह प्रस्ताव देश की चुनाव प्रणाली पर बड़ा असर डाल सकता है, इसलिए इस पर गंभीर चर्चा जरूरी है।
खड़गे ने कहा कि विपक्षी पार्टियों ने किरेन रीजीजू को पत्र लिख कर 29 अप्रैल को चुनाव खत्म होने के बाद सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की थी, ताकि इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हो सके। उन्होंने कहा कि इस मांग को नजरअंदाज किया गया। खड़गे ने कहा, चुनाव के दौरान संसद सत्र बुलाया गया है, जब कई सांसद तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं। इससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। बाद में राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि कांग्रेस महिला सशक्तिकरण और सामाजिक न्याय के लिए प्रतिबद्ध है। सीडब्लुसी की बैठक में महिला आरक्षण, परिसीमन और पश्चिम एशिया के हालात पर भी चर्चा हुई।


