नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच अब कतर की मध्यस्थता में युद्धविराम की वार्ता हो रही है। लेकिन इस बीच दोनों ने एक दूसरे पर हमला शुरू कर दिया। अमेरिका ने बंदर अब्बास बंदरगाह पर ईरान के दो स्पीड बोट्स को उड़ा दिया और दावा किया कि ये बोट्स समुद्र में बारूदी सुरंग बिछा रहे थे। जवाबी हमले में ईरान ने अमेरिकी एमक्यू-9 बी ड्रोन को मार गिराने का दावा किया है और ईरानी हवाई क्षेत्र में घुसे एक लड़ाकू विमान पर भी फायरिंग की है।
कतर की मीडिया ‘अल जजीरा’ की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स, आईआरजीसी ने कहा कि ईरानी फोर्स ने एक आरक्यू-4 ड्रोन और घुसपैठ करने वाले एफ 35 लड़ाकू विमान पर हमला किया। आईआरजीसी ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका युद्धविराम का उल्लंघन करता है तो ईरान को जवाबी कार्रवाई करने का हक है। नए सिरे से जंग शुरू होने के बाद ईरान के सर्वोच्च नेता मोज्तबा खामेनेई ने भी बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया की ताकतें अब अमेरिकी सैन्य ठिकानों के लिए ढाल नहीं बनेंगी और अमेरिका के पास इस क्षेत्र में अब कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं रहेगा।
इससे पहले अमेरिका ने दक्षिणी ईरान में रात भर कई ठिकानों पर हमले किए। अमेरिकी सेना ने कहा कि उन्होंने उन बोट्स को निशाना बनाया गया जो समुद्र में बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश कर रही थीं। इसके अलावा मिसाइल लॉन्च साइट्स पर भी हमला किया गया। ईरान ने आरोप लगाया कि अमेरिका युद्धविराम समझौते का उल्लंघन कर रहा है। ईरानी विदेश मंत्रालय ने कहा कि होर्मोजगन प्रांत में हमला अमेरिका की ‘दुर्भावना और पाखंड’ को दिखाता है। ईरान ने कहा कि वह अपनी सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा करने में कोई हिचक नहीं दिखाएगा।
हालांकि इस हमले के बीच दोनों देशों ने बातचीत जारी रहने का दावा भी किया। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि बातचीत अच्छी तरह आगे बढ़ रही है, लेकिन अगर समझौता नहीं हुआ तो सैन्य कार्रवाई फिर शुरू हो सकती है। भारत के दौरे पर आए विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि ईरान के साथ समझौते की बातचीत कुछ शब्दों और वाक्यों को लेकर अटकी हुई है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बीच ‘एक शब्द और एक लाइन’ को लेकर मतभेद हैं। उधर ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि कई मुद्दों पर अमेरिका के साथ कुछ हद तक समझ बनी है, लेकिन अभी अंतिम समझौता करीब नहीं है।


