नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मुस्लिम देशों से इजराइल के साथ दोस्ती करने और अब्राहम समझौते में शामिल होने की अपील की थी। इसके लिए ट्रंप ने सभी देशों के साथ कॉन्फ्रेंस कॉल की थी। इसका सबसे पहले जवाब पाकिस्तान ने दिया है। उसने कहा है कि वह किसी कीमत पऱ इजराइल को देश नहीं मानेगा। उसने इजराइल से दोस्ती करने और उसे देश की मान्यता देने से इनकार कर दिया है।
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा है कि पाकिस्तान अपनी मौलिक विचारधाराओं से समझौता नहीं कर सकता। आसिफ ने कहा, ‘हम उन लोगों के साथ कैसे बैठ सकते हैं, जिनकी बात पर एक दिन के लिए भी भरोसा नहीं किया जा सकता’। गौरतलब है कि पाकिस्तान दुनिया का शायद एकमात्र देश है, जिसके पासपोर्ट पर लिखा होता है कि यह इजराइल के लिए मान्य नहीं है। इससे पाकिस्तान का रुख पूरी तरह साफ है और इसमें कोई बदलाव नहीं होगा।
गौरतलब है कि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मुस्लिम देशों से इजराइल से रिश्ते सुधारने और अब्राहम समझौते में शामिल होने की अपील की थी। पाकिस्तान से भी कहा गया था कि अगर वह अमेरिका और ईरान शांति प्रक्रिया का हिस्सा बनना चाहता है, तो उसे इजराइल को मान्यता देनी होगी। हालांकि ट्रंप को पता है कि पाकिस्तान के लिए अब्राहम समझौते में शामिल होने का मामला संवेदनशील है और राजनीतिक रूप से मुश्किल है।
Leave a comment
You must be logged in to post a comment.



