पटियाला हाउस कोर्ट ने इंडियन यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को मंगलवार को चार दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। अदालत ने सुनवाई के बाद यह आदेश सुनाया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अदालत परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
उदय भानु चिब को अदालत में मंगलवार की सुबह पेश किया गया, जहां सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने पहले अपना फैसला सुरक्षित रखा और दोपहर 12:30 बजे आदेश सुनाने की बात कही। सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने अदालत से सात दिन की पुलिस कस्टडी की मांग की थी। पुलिस ने दलील दी कि चिब कथित साजिश में शामिल रहे हैं और उन्होंने प्रदर्शनकारियों को सहयोग और दिशा-निर्देश दिए थे।
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पुलिस का कहना था कि देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग प्रदर्शन में शामिल हुए थे और उनसे जुड़े तथ्यों की जांच के लिए आरोपी को विभिन्न स्थानों पर ले जाना जरूरी है। इसी आधार पर विस्तृत पूछताछ के लिए लंबी कस्टडी की मांग की गई। पुलिस के वकील ने अदालत को बताया कि प्रदर्शन से जुड़ी गतिविधियों की निगरानी चिब कर रहे थे और जो लोग भारत मंडपम पहुंचे थे, वे उनके निर्देश पर वहां गए थे और लगातार उनके संपर्क में थे।
पुलिस ने यह भी तर्क दिया कि घटना के समय वहां बड़ी संख्या में विदेशी प्रतिनिधि मौजूद थे और इस घटनाक्रम से वैश्विक मंच पर भारत की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। पुलिस के अनुसार इस मामले में राष्ट्रीय सुरक्षा, संप्रभुता और एकता जैसे गंभीर मुद्दे प्रभावित हुए हैं।
वहीं बचाव पक्ष ने पुलिस कस्टडी की मांग का कड़ा विरोध किया। चिब के वकील ने अदालत में कहा कि उनके मुवक्किल ने जांच में हमेशा सहयोग किया है और गिरफ्तारी अनावश्यक है। उन्होंने दलील दी कि केवल टी-शर्ट की बरामदगी के लिए पुलिस कस्टडी की मांग करना हास्यास्पद है। बचाव पक्ष के अनुसार प्रदर्शनकारी निहत्थे थे और शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। वकील ने यह भी कहा कि सात-आठ टी-शर्ट पहले ही बरामद की जा चुकी हैं और टी-शर्ट कहीं भी छप सकती हैं, ऐसे में फैक्ट्री की जांच का तर्क निराधार है।
बताया गया कि पुलिस ने मंगलवार सुबह चिब को हिरासत में लिया था। पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया।
Pic Credit : ANI
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