नई दिल्ली। जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी का प्रदर्शन जारी है और गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल भी जारी है। इस बीच सरकार ने कहा है कि उसने सीजेपी को चार बार वार्ता का प्रस्ताव भेजा है। दूसरी ओर सीजेपी के कहना है कि वार्ता अब किसी मंत्री के घर में नहीं होगी। उनका कहना है कि या तो सरकार के प्रतिनिधि जंतर मंतर पर आकर बात करें या किसी न्यूट्रल जगह पर वार्ता हो। इस वजह से बातचीत का प्रस्ताव अटका है।
इससे पहले सरकार ने गुरुवार को कहा कि वह सीजेपी के साथ किसी भी समय बातचीत के लिए तैयार है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि पिछले 24 घंटे में सीजेपी को जेपी नड्डा के घर या ऑफिस पर बातचीत के लिए चार बार प्रस्ताव भेजा जा चुका है। इस बीच सीजेपी ने 24 जुलाई, शुक्रवार को देश भर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन का ऐलान किया है। गौरतलब है कि सीजेपी के प्रदर्शनकारी नीट यूजी पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़े हैं।
उधर जंतर मंतर पर प्रदर्शनकारियों का समर्थन बढ़ रहा है। गुरुवार को भी दिन भर लोगों का आना जाना रहा। हर समय हजारों लोग जंतर मंतर पर मौजूद रहे। उनके समर्थन में देश के अलग अलग हिस्सों में प्रदर्शन हुए हैं। यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट के वकीलों ने गुरुवार को छात्र आंदोलन का समर्थन किया। वकीलों ने कहा कि छात्रों की मांगों को सुना जाना चाहिए और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने के अधिकार की रक्षा होनी चाहिए।
इस बीच जंतर मंतर पर सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांचली आंगमो ने मोर्चा संभाला है। 26 दिन से भूख हड़ताल कर रहे सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि ने गुरुवार कहा, ‘बच्चों को अपराधी की तरह पेश नहीं किया जाना चाहिए’। उन्होंने कांग्रेस को भी नसीहत दी और कहा, ‘कांग्रेस नेताओं को प्रधानमंत्री आवास के बजाय जंतर-मंतर जाकर छात्रों के साथ खड़ा होना चाहिए था’।
Leave a comment
You must be logged in to post a comment.


