नई दिल्ली। जापान के एक पूर्व मंत्री ने बुलेट ट्रेन परियोजना में देरी को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। जापान के पूर्व मंत्री हिदेकी माकिहारा ने सोशल मीडिया में एक लंबी पोस्ट लिखी है, जिसमें उन्होंने बुलेट ट्रेन में देरी के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने यह दावा भी किया है कि प्रधानमंत्री सानाए तकाइची की भारत यात्रा से भी कुछ हासिल नहीं हुआ है। माकिहारा ने कहा है कि सिग्नलिंग के काम से जापान को बाहर कर दिया गया है।
भारत ने इसका जवाब देते हुए शुक्रवार को कहा है कि यह एक व्यक्तिगत राय है और तथ्यों से काफी अलग है। असल में जापान के पूर्व न्याय मंत्री और सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के सदस्य हिदेकी माकिहारा ने बुलेट ट्रेन योजना, जिसे जापान में शिनकान्सेन परियोजना कहा जाता है, उसमें देरी के लिए भारत को दोषी ठहराया था। माकिहारा ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘भारत में शिनकान्सेन परियोजना एक ऐसी चीज है, जिसमें मैं खुद शामिल था। लेकिन अंतरराष्ट्रीय बैठकों और वार्ताओं में जो बात सबसे ज्यादा सामने आई, वह थी भारतीय पक्ष का बार बार दोहराया जाने वाला लापरवाह रवैया। वे चाहे कुछ भी हो जाए, वादे नहीं निभाते। अगर वे कोई वादा कर भी लें, तो उसे तुरंत बदल देते हैं’।
माकिहारा ने इस परियोजना से जुड़े भारत के संबंधित मंत्री पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ‘वे आखिरी वक्त तक सिर्फ अपने हितों को आगे बढ़ाते रहते हैं। प्रभारी मंत्री का रवैया बेहद खराब था, अगर शीर्ष व्यक्ति ही ऐसा हो, तो कोई सही ढंग से काम कैसे कर सकता है’? उन्होंने कहा, ‘उन सभी जापानी लोगों के सम्मान के लिए जिन्होंने इस परियोजना में अपना दिल लगा दिया, मुझे यह कहना होगा, मैं सौ फीसदी महसूस करता हूं कि इस परियोजना के आगे न बढ़ने की पूरी जिम्मेदारी भारतीय पक्ष की है’।
शुक्रवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक प्रेस ब्रीफिंग में इसका जवाब देते हुए कहा ‘हमने वह पोस्ट देखी है। यह एक व्यक्तिगत राय है और तथ्यों से काफी परे है। मुंबई, अहमदाबाद हाईस्पीड रेल पर भारत व जापान के बीच बातचीत बेहतर ढंग से आगे बढ़ रही है’। इस विवाद के बीच, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत 15 अगस्त, 2027 से अपनी पहली बुलेट ट्रेन सेवा के पहले चरण का संचालन शुरू कर देगा।
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