कोलंबो। श्रीलंका के संसदीय चुनाव में राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके के गठबंधन एनपीपी की जीत हुई है। शुक्रवार तक सभी सीटों के नतीजों सामने गए। एनपीपी ने जिलों के आधार पर तय होने वाली 196 सीटों में से 141 सीटों पर जीत दर्ज कर ली है। नतीजों के मुताबिक एनपीपी को 61 फीसदी यानी 68 लाख वोट मिले हैं। दूसरे स्थान पर 18 फीसदी वोट और 35 सीटों के साथ मुख्य विपक्षी एसजेबी पार्टी है। पूर्व राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे के समर्थन वाले नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट को सिर्फ पांच फीसदी वोट और तीन सीटें ही मिली हैं।
श्रीलंका की राजनीति में लंबे समय तक दबदबा रखने वाले राजपक्षे परिवार की श्रीलंका पीपुल्स फ्रंट पार्टी दो सीटों के साथ पांचवें स्थान पर पहुंच गई है। एनपीपी ने तमिल जिले जाफना में भी जीत हासिल की है। वहां सको छह में से तीन सीटों पर जीत मिली है। एनपीपी की जीत से पारंपरिक तमिल पार्टियों को बड़ा झटका लगा है।
बहरहाल, राष्ट्रपति दिसानायके को संसद में मिले बहुमत के बाद उनकी ताकत में इजाफा हुआ है। दरअसल संसद से बहुमत मिलने के बाद ही राष्ट्रपति दिसानायके सरकार की महत्वपूर्ण नीतियों को लागू कर सकते हैं। इससे पहले इस साल सितंबर में राष्ट्रपति चुनाव जीतने के बाद दिसानायके ने संसद को भंग कर दिया था। इसके बाद संसदीय चुनाव का ऐलान किया गया था। श्रीलंका में आखिरी बार अगस्त 2020 में संसदीय चुनाव हुए थे। पिछली बार दिसानायके की पार्टी को सिर्फ तीन सीटें मिली थी।
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Image Source: ANI

