नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के लिए नई धमकी जारी की है। उन्होंने कहा है कि वे ईरान पर बहुत बड़ा हमला करेंगे। उन्होंने गुरुवार की रात को यानी भारतीय समय के मुताबिक शुक्रवार की सुबह हमले की धमकी दी है। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की ज्यादातर सैन्य ताकत पहले ही कमजोर हो चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले दिनों में अमेरिका ईरान के सबसे बड़े तेल निर्यात केंद्र खार्ग आइलैंड और दूसरे अहम तेल, गैस ठिकानों पर वेनेजुएला की तरह ही कब्जा करेगा। गौरतलब है कि खार्ग आइलैंड को ईरान के तेल निर्यात का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है।
इससे पहले पिछले दो दिन से अमेरिका ने दक्षिणी ईरान के कई हिस्सों पर हमला किया। इसके जवाब में ईरान ने जॉर्डन, बहरीन, कुवैत सहित कई देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। संयुक्त अरब अमीरात ने इन देशों पर हमले के लिए ईरान की आलोचना की। असल में होर्मुज की खाड़ी के पास अमेरिका के अत्याधुनिक अपाचे हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया था, जिसे लेकर अमेरिका ने ईरान पर आरोप लगाया और उसके बाद हमला शुरू किया।
उधर ईरान ने अमेरिका के हमलों की कड़ी आलोचना की है। उसका कहना है कि इन हमलों की वजह से आठ अप्रैल से लागू युद्धविराम का कोई मतलब नहीं रह गया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र के नियमों का उल्लंघन किया है। ईरान ने कहा कि वह अपने ऊपर होने वाले हमलों का जवाब देने के लिए जरूरी कदम उठाएगा और अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा।
ईरान की संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रवक्ता इब्राहिम रेजाई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तंज करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि इस लड़ाई में अमेरिका को ही झुकना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि ट्रंप के सामने सिर्फ दो रास्ते हैं और दोनों ही सरेंडर के हैं। ईरानी सांसद का कहना है कि अमेरिका ईरान पर अपनी शर्तें नहीं थोप सकता और आखिरकार उसे पीछे हटना ही होगा।


