दुबई। बहरीन ने आरोप लगाया कि ईरान के ड्रोन हमले से उसके एक विलवणीकरण संयंत्र को नुकसान पहुंचा है। नौ दिनों के युद्ध के दौरान किसी अरब देश द्वारा ईरान से जुड़े हमले में किसी विलवणीकरण (खारे पानी को पीने योग्य बनाना) संयंत्र को निशाना बनाए जाने की जानकारी सामने आने का यह पहला मामला बताया जा रहा है।
फारस की खाड़ी के तट पर सैकड़ों विलवणीकरण संयंत्र स्थित हैं और इस क्षेत्र के अरब देश पीने के पानी के लिए इन संयंत्रों पर बहुत अधिक निर्भर हैं। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के नौवें दिन इजराइल ने रविवार तड़के दक्षिणी लेबनान पर हमले तेज कर दिए और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने युद्ध के अगले चरण में ‘‘कई आश्चर्यजनक कदम उठाए जाने’’ की चेतावनी दी।
इस बीच बहरीन ने कहा कि ईरान के ड्रोन हमले से उसके एक विलवणीकरण संयंत्र को नुकसान पहुंचा है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और नेतन्याहू ने नौ दिन पुराने अभियान को आगे बढ़ाने का संकल्प जताया है। इसका असर पूरे क्षेत्र में फैल चुका है और फिलहाल इसका कोई अंत नजर नहीं आ रहा है।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने रविवार को पश्चिम एशिया में अमेरिकी ठिकानों पर हमले तेज करने की धमकी दी।
लेबनान में हुए हाल के हमलों में 12 और लोग मारे गए, जिससे वहां मरने वालों की संख्या बढ़कर 300 से अधिक हो गई है। उसकी सेना ने कहा कि यह हमला ईरान समर्थित बलों को खत्म करने के उद्देश्य से किया गया था। इससे पहले इजराइल ने लेबनान के बड़े हिस्से को खाली करने का आदेश दिया था।
इजराइल और अमेरिका ने 28 फरवरी को युद्ध की शुरुआत करते हुए कहा था कि उन्होंने ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों को निशाना बनाने तथा सरकार को गिराने की कोशिश करने के लिए हमले किए। इसके बाद ईरान ने भी जवाबी हमले किए। इस युद्ध का व्यापक असर दिख रहा है—वैश्विक बाजार हिल गए हैं, हवाई यात्रा बाधित हुई है और सैकड़ों इजराइली तथा अमेरिकी हवाई हमलों से ईरान का नेतृत्व कमजोर होने की खबरें हैं।
ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अपने पड़ोसी देशों पर मिसाइल और ड्रोन दागे हैं। वहीं इजराइल ने लेबनान में हमले तेज कर दिए हैं। साथ ही साइप्रस से लेकर श्रीलंका के तटवर्ती जलक्षेत्र तक हमलों की खबरें आने का दावा किया जा रहा है।


