राज्य-शहर ई पेपर व्यूज़- विचार

बारिश, बाढ़, भूस्खलन से तबाही

नई दिल्ली। इस बार दक्षिण पश्चिम मानसून की बारिश सामान्य से कम है और अनुमान है कि जून के बाद जुलाई में भी बारिश सामान्य से कम होगी। परंतु जुलाई के पहले हफ्ते में देश के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश से कई जगह बाढ़ आई है और भूस्खलन भी हुआ है। मंगलवार को राजधानी दिल्ली के साथ साथ एनसीआर के इलाके में खास कर गुरुग्राम और नोएडा में भारी बारिश के कारण कई जगह पानी जमा हो गया और लोगों को बड़ी परेशानी झेलनी पड़ी। कई इलाकों में घंटों ट्रैफिक रेंगता रहा।

गुजरात के सूरत में और महाराष्ट्र के कई इलाकों में भारी बारिश हुई। जम्मू कश्मीर में बादल फटने से बाढ़ गई है। डोडा में ऊपरी इलाके में बादल फटा, जिससे बाढ़ आ गई। पहाड़ों से पत्थर और मलबा गिरने से घर और दुकानों को नुकसान पहुंचा है। सड़कों पर कई गाड़ियां मलबे में दब गईं। उधर महाराष्ट्र के कई जिलों में लगातार भारी बारिश हो रही है। मुंबई में पिछले 48 घंटे में करीब 15 इंच बारिश दर्ज की गई। मुंबई के सभी सरकारी और निजी स्कूल, कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। नासिक में भी मंगलवार को सभी स्कूल और कॉलेज बंद हैं। कई धार्मिक और पर्यटक स्थलों को बंद कर दिया गया है। ठाणे में भी भारी बारिश के कारण कई पर्यटन स्थलों को बंद कर दिया गया है।

उधर मध्य प्रदेश में पिछले 24 घंटे में 35 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। खजुराहो में सबसे ज्यादा 4.4 इंच बारिश दर्ज की गई। कई इलाकों में नेशनल हाईवे पर पानी जमा हो गया। बालाघाट में बाघ नदी उफान पर आने से पुल निर्माण में लगी कार, जेसीबी और लोडर तेज बहाव में बह गए। गुजरात के कुछ हिस्सों में मंगलवार को तेज बारिश हुई। सबसे ज़्यादा असर सूरत जिले में दिखा, जहां दो दिनों में बारिश से जुड़ी घटनाओं में पांच लोगों की मौत हो गई। केरल के वायनाड टनल निर्माण साइट पर भारी बारिश के बीच भूस्खलन हो गया। इससे मलबा नीचे आ गया और कई लोग घायल हो गए।

अगर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की बात करें तो गुरुग्राम में भारी बारिश के बीच हीरो होंडा चौक फ्लाईओवर के पास नेशनल हाईवे पर ट्रैफिक जाम लग गया। उत्तर प्रदेश के नोएडा में भारी बारिश के कारण जलभराव हो गया।

By NI Desk

Under the visionary leadership of Harishankar Vyas, Shruti Vyas, and Ajit Dwivedi, the Nayaindia desk brings together a dynamic team dedicated to reporting on social and political issues worldwide.

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

5 × four =