नई दिल्ली। ईरान का पूरा तंत्र इस समय अपने सर्वोच्च नेता रहे अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में व्यस्त है। लेकिन होर्मुज की खाड़ी पर से उसकी नजर हटी नहीं है। अंतिम संस्कार के बीच ईरान ने होर्मुज की खाड़ी में दो जहाजों पर हमला किया। ईरान का दावा है कि ये जहाज उसके निर्देशों का पालन नहीं कर रहे थे और तय रूट से हट कर गुजरने की कोशिश कर रहे थे। इनमें से एक जहाज कतर था। कतर ने इस हमले की आलोचना की है और ईरान को कानूनी रूप से जिम्मेदार ठहराया है।
गौरतलब है कि ईरान के सुप्रीम लीडर रहे अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार का कार्यक्रम तीन जुलाई से चल रहा है। इसमें लाखों लोग हर दिन शामिल हो रहे हैं। इस बीच ईरान ने मंगलवार को होर्मुज की खाड़ी में हमला किया। ईरान की सरकारी मीडिया ने बताया है कि होर्मुज में कतर के तेल टैंकर अल रकायत को निशाना बनाया गया। ईरान ने कहा कि होर्मुज से कॉमर्शियल जहाज उसके बताए रास्तों से नहीं गुजर रहे हैं। ईरान ने यह भी साफ किया कि अभी होर्मुज में हालात वैसे नहीं हुए हैं, जैसे अमेरिकी हमलों से पहले थे।
इस बीच ब्रिटेन की सेना ने कहा है कि होर्मुज की खाड़ी में एक दूसरे जहाज पर भी हमला हुआ है। यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस ने बताया कि ओमान के तट के पास एक टैंकर पर प्रोजेक्टाइल से हमला होने और उसमें आग लगने की घटना के कुछ घंटे बाद एक दूसरे जहाज को भी निशाना बनाया गया। इसके मुताबिक, दूसरे जहाज के ढांचे को नुकसान पहुंचा है, हालांकि इस हमले में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
इस बीच अयातुल्लाह अली खामेनेई की अंतिम यात्रा मंगलवार को शियाओं के धार्मिक शहर कोम पहुंची। जनाजे में लाखों लोगों ने लाल कपड़ा चढ़ाया। यह इस्लामिक परंपरा में बदले या खून की मांग का प्रतीक माना जाता है। गौरतलब है कि खामेनेई ने शुरुआती इस्लामी शिक्षा यहीं हासिल की थी। खामेनेई के ताबूत पर उनकी काली पगड़ी रखी गई है। इस्लामी परंपरा में ऐसी पगड़ी सिर्फ बड़े धार्मिक विद्वान पहनते हैं।
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