नई दिल्ली। ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमले को लेकर यूरोपीय देशों में दो खेमे बन गए हैं। ज्यादातर यूरोपीय देश इस हमले का विरोध कर रहे हैं। गाजा हमले के समय से ही नाराज चल रहे स्पेन ने अब सख्त तेवर दिखाते हुए इजराइल से अपना राजदूत हटा लिया है। स्पेन की सरकार ने एक दिन पहले ही इसकी मंजूरी दी थी। मैड्रिड ने पिछले साल सितंबर में राजनयिक तनाव बढ़ने के बाद अपने राजदूत को वापस बुला लिया था। स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने गाजा में हमले को नरसंहार बताया था।
उधर इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने ईरान के मीनाब शहर में प्राथमिक स्कूल पर हुए मिसाइल हमले की कड़ी निंदा की है। इस हमले में कम से कम 170 छात्राओं की मौत हुई, जिनमें ज्यादातर सात से 12 साल की छात्राएं थीं। इटली की सीनेट में बोलते हुए मेलोनी ने कहा कि वह मीनाब के स्कूल में लड़कियों के नरसंहार की कड़ी निंदा करती हैं। मेलोनी ने कहा कि इस त्रासदी के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान जल्द से जल्द की जानी चाहिए और उनकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।
उधर अमेरिका की एक मुश्किल यह भी है कि ईरान युद्ध के कारण वहां पेट्रोल और गैस की कीमतें तेजी से बढ़ गई हैं। देश में गैस की औसत कीमत 3.58 डॉलर प्रति गैलन पहुंच गई है, जो पिछले 21 महीनों का सबसे ज्यादा है। डीजल की कीमत भी तेजी से बढ़कर 4.89 डॉलर प्रति गैलन हो गई है। सिर्फ एक हफ्ते में इसमें 79 सेंट की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
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