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पटाखा फैक्टरी में धमाका, 18 मरे

विरुधुनगर। तमिलनाडु के विरुधुनगर के निकट स्थित एक पटाखा फैक्टरी में हुए विस्फोट में 18 से अधिक श्रमिकों की मौत हो गई और छह अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। यह विस्फोट वाचकारपत्ती पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत कट्टनरपत्ती में मुथुमानिकम के स्वामित्व वाली ‘वनजा’ पटाखा फैक्टरी में हुआ।

पुलिस और अग्निशमन अधिकारियों के अनुसार, घायल हुए छह लोगों में से चार की हालत नाजुक है और उनका विरुधुनगर सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में इलाज जारी है। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि इस पटाखा निर्माण इकाई को नागपुर स्थित पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पीईएसओ) से लाइसेंस मिला हुआ है। परिसर में कथित तौर पर 100 से अधिक श्रमिक काम कर रहे थे।

ऐसा माना जा रहा है कि विस्फोट बरामदे वाले क्षेत्र में हुआ, जहां कथित तौर पर श्रमिक कच्चे माल से पटाखों को अंतिम रूप दे रहे थे। विस्फोट का प्रभाव इतना भीषण था कि कम से कम तीन कमरे मलबे में तब्दील हो गए और आसपास की कई इमारतें को भारी नुकसान पहुंचा। एक पुलिस अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘हमने अब तक 18 शव बरामद किए हैं, जिनमें से कई बुरी तरह जल चुके थे और उनकी पहचान करना मुश्किल था।’’ अधिकारी ने बताया कि घायल छह लोगों में से तीन महिलाएं हैं और वे 60 प्रतिशत तक जल गई हैं।

सूत्रों के अनुसार, अग्निशमन और बचाव कर्मियों ने कई घंटों तक आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन शुरुआती विस्फोट के काफी देर बाद भी पटाखे फटते रहने के कारण बचाव अभियान में काफी बाधा आई। सूत्रों के मुताबिक, आशंका है कि मलबे के नीचे और भी श्रमिक फंसे हो सकते हैं। यह घटना इस क्षेत्र में इस वर्ष की सबसे घातक औद्योगिक दुर्घटना है। यह घटना उसी जिले के वेम्बाकोट्टई क्षेत्र में कुछ ही दिनों पहले हुए एक ऐसे ही विस्फोट के बाद घटी है, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई थी।

इसी बीच, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने अपना दुख व्यक्त किया और कहा कि उन्होंने बचाव अभियान में तेजी लाने के लिए दो मंत्रियों को घटनास्थल पर भेजा है। स्टालिन ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘विरुधुनगर जिले के कट्टनरपत्ती में पटाखा फैक्टरी में हुए विस्फोट में कई लोगों की मौत की खबर से गहरा दुख हुआ है। मृतकों के परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इस दुर्घटना की जानकारी मिलते ही मैंने जिला कलेक्टर से संपर्क किया और उन्हें सभी आवश्यक सहायता का समन्वय करने का निर्देश दिया।’’

By NI Desk

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