नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दावा किया है कि मंगलवार को उनको प्रधानमंत्री आवास के सामने से हटाए जाने के दौरान पुलिसवालों ने उनके कान में कहा कि वे इस सरकार को हटाएं। राहुल पहले भी इस तरह का दावा कर चुके हैं। उन्होंने कुछ समय पहले कहा था कि सरकार के अंदर से उनको सारी सूचना मिल रही है और सरकार के अधिकारियों में बहुत नाराजगी है। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में तीन मांग रखी। राहुल ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें, छात्रों को पीटने वालों पर कार्रवाई हो और प्रधानमंत्री माफी मांगें।
बहरहाल, राहुल ने बुधवार को पार्टी मुख्यालय इंदिरा भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें प्रेजेंटेशन दिया। राहुल ने कई वीडियो भी दिखाए, जिसमें जंतर मंतर पर प्रदर्शनकारियों के ऊपर लाठीचार्ज करने का वीडियो भी शामिल है। करीब 40 मिनट की प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल ने कहा कि राहुल कहा कि सुरक्षा बलों ने छात्रों को बुरी तरह पीटा। उन्होंने दावा किया नीट पेपर लीक से देश के साढ़े सात करोड़ छात्र और उनके परिवार प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि नीट मामले में किसी भी को सजा नहीं हुई।
राहुल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया, ‘जब पुलिसवाले मुझे हटाने आए तो उन्होंने मेरे कान में कहा सरकार को हटाइए। मुझे घसीटा तो मुंह से खून आया, दो तीन पंच लगे, लेकिन धर्मेंद्र प्रधान को जाना होगा’। उन्होंने एक वीडियो दिखाया, जिसमें महिलाओं के साथ पुलिस बदसलूकी करते दिख रही है। डीसीपी संदीप लांबा पर लड़की को थप्पड़ मारने के आरोप लग रहे हैं।राहुल ने कहा कि प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया। एक छात्र के शरीर पर बंदूक के छर्रे दिखाई दिए। हालांकि, पुलिस ने पैलेट गन के इस्तेमाल के दावे को खारिज किया है।
राहुल गांधी ने कहा, ‘10 साल में 152 पेपर देश में लीक हुए हैं। इनमें किसी भी मामले में किसी को भी सजा नहीं मिली’। राहुल ने कहा, ‘एक लाख 40 हजार करोड़ भारत सरकार का एजुकेशन बजट है, जबकि एक लाख 32 हजार करोड़ रुपए भारतीय परिवार नीट की परीक्षा पर खर्च करते हैं’।
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